Congress Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। सोमवार को कांग्रेस ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन और मार्च आयोजित किए। पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और उससे जुड़े कुछ फैसलों में चुनाव आयोग अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर काम कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने देशभर में विरोध अभियान शुरू किया है।
दिल्ली में मार्च, कई जगह पुलिस से टकराव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश की, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़कर अपना विरोध दर्ज कराया।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर दिखाई दिए। कुछ जगहों पर धरना-प्रदर्शन हुए, जबकि कुछ शहरों में प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राजस्थान और महाराष्ट्र में भी दिखा असर
जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के राज्य कार्यालय की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
महाराष्ट्र के नासिक, पुणे और कोल्हापुर सहित कई शहरों में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से रखीं।
कांग्रेस ने क्या लगाए आरोप?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि नागरिकता तय करने का अधिकार कानून और संबंधित संस्थाओं के पास है, जबकि चुनाव आयोग का दायरा चुनावी प्रक्रियाओं तक सीमित है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर जनता के बीच भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है और इसी उद्देश्य से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
बीजेपी ने किया पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही कई मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है, लेकिन विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए विवाद को आगे बढ़ा रहा है।
राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बनता जा रहा है। एक ओर कांग्रेस चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा आयोग का बचाव कर रही है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं, क्योंकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक जवाबदेही का सवाल बता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष इसे राजनीतिक अभियान के रूप में देख रहा है।



