Donald Trump: रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का दावा, बोले- मेरी पहल पर समझौते को तैयार हुए पुतिन और जेलेंस्की

Donald Trump: ट्रंप बोले- रूस और यूक्रेन को बातचीत से निकालना होगा समाधान, एनर्जी सीजफायर के उल्लंघन के आरोपों की होगी जांच।

Donald Trump:  रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शांति समझौते के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि दोनों नेता उनकी बात पर सहमत हुए हैं और अब इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

ओहायो में मध्यावधि चुनाव के प्रचार कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने युद्धविराम के उल्लंघन से जुड़ी खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इन रिपोर्टों की जांच करेंगे। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध खत्म करने के लिए रूस और यूक्रेन के नेतृत्व को एक साथ आना जरूरी है।

‘मैंने कहा कि सहमत हो जाओ, इसलिए वे राजी हुए’

पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या रूस और यूक्रेन ने किसी शांति समझौते की सार्वजनिक पुष्टि की है, तो उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने अपने दावे के समर्थन में कहा कि दोनों नेता इसलिए राजी हुए, क्योंकि उन्होंने उनसे ऐसा करने के लिए कहा था।

हालांकि, उनके बयान में यह स्पष्ट नहीं हुआ कि दोनों देशों के बीच किस प्रस्ताव पर सहमति बनी है और समझौते की शर्तें क्या होंगी। रूस और यूक्रेन की ओर से अंतिम शांति समझौते की सार्वजनिक पुष्टि नहीं होने के कारण इस दावे को ट्रंप के बयान के तौर पर ही देखा जा रहा है।

युद्ध को अनावश्यक बताते हुए नुकसान का किया जिक्र

ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को बेतुका बताते हुए कहा कि इसे जल्द समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने युद्ध में बड़े पैमाने पर हो रहे नुकसान का उल्लेख किया और एक महीने में 32 हजार लोगों के मारे जाने का दावा किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पुतिन और जेलेंस्की को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। उनके मुताबिक, युद्ध जारी रहने से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए दोनों नेताओं का साथ आना जरूरी है।

जेलेंस्की के मुकाबले पुतिन समझौते के लिए ज्यादा इच्छुक: ट्रंप

प्रस्तावित एनर्जी सीजफायर को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस और यूक्रेन, दोनों ही समझौता करना चाहते हैं। हालांकि, उनके अनुसार दोनों देशों को अंतिम सहमति तक पहुंचने के लिए मदद की जरूरत है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पुतिन, जेलेंस्की की तुलना में समझौता करने के लिए अधिक उत्सुक दिखाई देते हैं। यह अमेरिकी राष्ट्रपति का आकलन है। दोनों नेताओं की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए उनके आधिकारिक बयानों और संबंधित घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी होगा।

एनर्जी सीजफायर के बावजूद हमलों के आरोप

यूक्रेन ने रूस पर प्रस्तावित एनर्जी सीजफायर के बावजूद हमले जारी रखने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ट्रंप से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह रिपोर्टों की जांच करेंगे और तथ्यों को देखने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके अनुसार युद्धविराम के उल्लंघन दोनों पक्षों की ओर से हुए हैं। उन्होंने किसी एक पक्ष को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने के बजाय मामले की समीक्षा करने की बात कही।

प्रस्तावित एनर्जी सीजफायर को लेकर सबसे अहम सवाल यह है कि क्या दोनों देश ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमले रोकने के लिए औपचारिक सहमति बना पाएंगे। इस दिशा में किसी आधिकारिक घोषणा और उसके पालन की स्थिति पर आगे की बातचीत निर्भर कर सकती है।

शांति वार्ता को लेकर आगे की घोषणा पर नजर

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। ट्रंप के ताजा बयान ने एक बार फिर संभावित शांति समझौते को लेकर चर्चा तेज कर दी है। लेकिन दोनों देशों की ओर से पुष्टि और समझौते की शर्तें सामने आए बिना इसे अंतिम सहमति मानना जल्दबाजी होगी।

अब निगाह इस बात पर रहेगी कि रूस और यूक्रेन ट्रंप के दावे पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, एनर्जी सीजफायर को लेकर कोई औपचारिक निर्णय होता है या नहीं और युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों की समीक्षा में क्या तथ्य सामने आते हैं।

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