Abhijeet Dipke Arrest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने प्रिवेंटिव अरेस्ट किया है। दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी है। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया है।
दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से ठीक पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने के बाद से उनके ठिकाने को लेकर सस्पेंस बना हुआ था। पार्टी ने शुक्रवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर रखा है। CJP के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद से पार्टी का अपने संस्थापक से किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पा रहा था। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि अभिजीत दिपके को शांति भंग की आशंका के चलते एहतियातन गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 16 अक्टूबर की शाम को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके को एहतियाती कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया, जबकि अभिजीत दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
दिपके की SEM कोर्ट में आज होगी पेशी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने से पहले दो कानूनी नोटिस दिए गए थे। उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में जाने से मना किया गया था, लेकिन पुलिस के मुताबिक, उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद उन्हें प्रिवेंटिव अरेस्ट कर लिया गया। अब पुलिस उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश करेगी।
‘पीस बॉन्ड’ का मुद्दा उठा सकती है पुलिस
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस मजिस्ट्रेट के सामने अभिजीत दिपके के ‘पीस बॉन्ड’ और अदालत के निर्देशों के उल्लंघन का मुद्दा भी उठा सकती है। पुलिस के अनुसार, पिछली बार जब अभिजीत को प्रिवेंटिव अरेस्ट किया गया था, तब उनसे 50 हजार रुपये का पीस बॉन्ड भरवाया गया था। इसके साथ ही उन्हें एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह से शांति भंग नहीं करने का निर्देश दिया गया था।
नेहा बोरा को किया गया रिहा
उधर, AISA ने बताया था कि नेहा बोरा को आरके पुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया था, जहां वकीलों ने देर रात उनसे मुलाकात की। संगठन ने आरोप लगाया कि उसकी अध्यक्ष को करीब पांच घंटे तक दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर घुमाया गया। संगठन के मुताबिक, उनकी रिहाई का समय भी नहीं बताया गया। यहां तक कि तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें दवा तक नहीं दी गई।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत से रिहा कर दिया।
‘कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं’: नेहा बोरा
रिहा होने के बाद नेहा बोरा ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “कानून-व्यवस्था की हर तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आम नागरिकों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है, जैसे वे कोई बहुत बड़े अपराधी हों। यह चलन इस देश में लंबे समय से चला आ रहा है। मौजूदा आंदोलन ने साफ कर दिया है कि लोगों को कैसे हिरासत में लिया जा रहा है। चाहे दिन हो या शाम, उन्हें पूरी रात हिरासत में रखा जाता है और अगले दिन सुबह या शाम को ही छोड़ा जाता है। किस अधिकार के तहत इसे सही ठहराया जा सकता है? किस कानून या आदेश के तहत लोगों को पूरी रात हिरासत में रखना जायज है? कानूनी तौर पर लोगों को, खासकर महिलाओं को, सूर्यास्त के बाद छोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा एक नया नैरेटिव फैलाया जा रहा है—अराजकता और अव्यवस्था का। कैसी अराजकता और अव्यवस्था? वही, जो आपने सेंट्रल दिल्ली में फैलाई है? दिल्ली के लोग चैन की सांस भी नहीं ले पा रहे हैं। वे काम पर जाने के लिए जो भी रास्ता चुनते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अराजकता और अव्यवस्था फैला रहे हैं। कृपया, भारत के लोगों को बख्श दें। ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाएं और SIR को रोकें, ताकि इस देश के आम नागरिक चैन की सांस ले सकें, सुकून से रह सकें और उनके वोट देने के अधिकार सुरक्षित रहें।”
CJP की तिरंगा यात्रा से पहले दिल्ली पुलिस का एक्शन, अभिजीत दिपके के घर पहुंचकर थमाया नोटिस
शुक्रवार को हिरासत में लिए गए थे दिपके और नेहा बोरा
बता दें कि पुलिस सूत्रों के मुताबिक, CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। ऐसे में कनॉट प्लेस की ओर जाने के लिए जैसे ही अभिजीत दिपके घर से निकले, उन्हें हिरासत में ले लिया गया। वहीं, नेहा बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया था।
पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात सुचारू रूप से चलाने के लिए करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया। उधर, CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल पार्क को सुरक्षा बलों ने घेर रखा था। वहां रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा आसपास के इलाकों में भी अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए थे।



