Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद संजय राउत ने फडणवीस को घेरा, पूछा- कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी?

Tiger Shroff Firing Case: शिवसेना (UBT) सांसद ने अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस पर लगाए गंभीर आरोप, महाराष्ट्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं का हवाला देकर राष्ट्रपति शासन की मांग की

Tiger Shroff Firing Case:  बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। राउत ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के मन से कानून का भय खत्म हो गया है और लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

संजय राउत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास गृह विभाग भी है, तो अपराध की घटनाओं पर नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि यदि अपराधियों पर लगाम नहीं लगी, तो भविष्य में राजनीतिक विरोधियों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

‘देवेंद्र फडणवीस राज्य के गृहमंत्री भी हैं’

संजय राउत ने अपने बयान में देवेंद्र फडणवीस की दोहरी जिम्मेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फडणवीस मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ महाराष्ट्र के गृह मंत्री भी हैं, इसलिए राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर उनकी जवाबदेही बनती है।

राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को भी इस स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की हिफाजत को लेकर सरकार से सवाल किए।

राउत के मुताबिक, जिन लोगों पर कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है, वे खुद कड़ी सुरक्षा में रहते हैं, जबकि दूसरी ओर आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे।

महाराष्ट्र में ‘जंगलराज’ होने का लगाया आरोप

शिवसेना (UBT) सांसद ने महाराष्ट्र में हुई कई आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य की स्थिति को ‘जंगलराज’ करार दिया। उन्होंने अभिनेता सलमान खान पर हुए हमले, बाबा सिद्दीकी की हत्या और ठाणे में शिवसेना कार्यकर्ता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या का जिक्र किया। इसी क्रम में उन्होंने टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना को भी कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चिंता बताया।

राउत ने कहा कि जब बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की कि यदि किसी राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ जाए, तो वहां की सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार किया जाना चाहिए।

यह राष्ट्रपति शासन की मांग संजय राउत का राजनीतिक बयान है। इस संबंध में किसी संवैधानिक निर्णय की जानकारी इस खबर में नहीं दी गई है।

‘माफिया गिरोहों को पीछे से समर्थन मिल रहा’

संजय राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में आपराधिक गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने हत्या, जबरन वसूली और अपहरण जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पर अंकुश लगाना सरकार की जिम्मेदारी है।

राउत ने दावा किया कि माफिया गिरोहों को पीछे से समर्थन मिल रहा है और अपराधियों के भीतर कानून का भय कम हो गया है। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस और अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह विभाग और पुलिस व्यवस्था को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

हालांकि, माफिया गिरोहों को राजनीतिक संरक्षण या समर्थन दिए जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर में नहीं है। इसलिए इन्हें संजय राउत के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

राजनीतिक विरोधियों पर हमले की जताई आशंका

टाइगर श्रॉफ पर हमले के संदर्भ में संजय राउत ने आशंका जताई कि भविष्य में राजनीतिक विरोधियों को भी निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अपराधियों में कानून का डर नहीं रहा, तो ऐसी घटनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।

राउत ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के मन से पुलिस, न्यायालय और गृह विभाग का भय खत्म होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

उनका बयान ऐसे समय आया है, जब टाइगर श्रॉफ पर हमले की घटना को लेकर राजनीतिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

टाइगर श्रॉफ पर हमले से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद संजय राउत ने महाराष्ट्र सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने राज्य में हुई दूसरी आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए और राष्ट्रपति शासन की मांग की।

राउत के बयान में तीन प्रमुख मुद्दे सामने आए—अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, राज्य और केंद्र सरकार की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी तथा राजनीतिक विरोधियों की सुरक्षा। वहीं, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपियों से संबंधित निष्कर्ष जांच तथा पुलिस के आधिकारिक बयानों के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।

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