अमेरिका में बैठकर भारत में अपराध कराने का आरोप, कौन है अनिल पंडित? टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी लेने वाले नेटवर्क की पूरी कहानी

हरियाणा के पानीपत से ताल्लुक रखने वाले अनिल पंडित का नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। दिल्ली, हरियाणा और पुणे में फायरिंग की घटनाओं में उसकी भूमिका को लेकर जांच जारी है।

अमेरिका में बैठकर भारत में फायरिंग और रंगदारी की वारदातों को अंजाम दिलाने वाले कथित अपराध नेटवर्क में अनिल पंडित का नाम सामने आया है। हरियाणा के पानीपत का रहने वाला अनिल पंडित लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। उस पर आरोप है कि विदेश में रहकर वह भारत में सक्रिय शूटरों के संपर्क में था और उनके जरिए अलग-अलग राज्यों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलवा रहा था। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी लेने से जुड़े घटनाक्रम के बीच इस कथित नेटवर्क की चर्चा तेज हो गई है।

अनिल पंडित का नाम हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र में हुई फायरिंग की कई घटनाओं से जोड़ा जा रहा है। इनमें रंगदारी के लिए गोलीबारी, कारोबारियों और चर्चित लोगों से जुड़े ठिकानों पर हमले तथा धमकी देने के लिए फायरिंग के मामले शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन सभी घटनाओं में उसकी भूमिका और अलग-अलग वारदातों के बीच संबंधों को पुलिस जांच और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही स्थापित किया जा सकता है।

कौन है अनिल पंडित और कैसे पहुंचा अमेरिका?

अनिल पंडित की उम्र करीब 32 वर्ष बताई जा रही है। वह हरियाणा के पानीपत जिले के रैर कलां गांव का रहने वाला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह वर्ष 2023 में निजी पासपोर्ट पर कनाडा गया था। इसके बाद उसके कथित तौर पर गैंगस्टर रणदीप मलिक के संपर्क में आने की बात सामने आई। रणदीप मलिक के अमेरिका में मौजूद होने की जानकारी है।

आरोप है कि कनाडा, थाईलैंड और दुबई होते हुए अनिल पंडित अमेरिका के कैलिफोर्निया पहुंचा। इसके बाद उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क से जुड़ गया। जांच से जुड़े इनपुट में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका में रहते हुए वह भारत में सक्रिय शूटरों के संपर्क में था।

इस मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि विदेश में मौजूद व्यक्ति कथित तौर पर भारत में आपराधिक वारदातों की योजना कैसे बनाता है और स्थानीय स्तर पर शूटरों तक निर्देश कैसे पहुंचते हैं। जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि इन गतिविधियों के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनके बीच संपर्क का वास्तविक स्वरूप क्या है।

पानीपत में रंगदारी के लिए फायरिंग कराने का आरोप

हरियाणा के पानीपत में पिछले कुछ महीनों के दौरान रंगदारी से जुड़े मामलों में भी अनिल पंडित का नाम सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि पैसे वसूलने के लिए अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इन वारदातों में उसके कथित शूटरों की भूमिका बताई जा रही है।

हरियाणा पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध शूटरों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि फायरिंग की घटनाओं के पीछे स्थानीय अपराधियों का नेटवर्क था या विदेश में मौजूद कथित हैंडलरों के निर्देश पर वारदातों को अंजाम दिया गया।

रंगदारी से जुड़े मामलों में फायरिंग का इस्तेमाल कारोबारियों और अन्य लोगों पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है। हालांकि, पानीपत की अलग-अलग घटनाओं में अनिल पंडित की कथित भूमिका की पुष्टि संबंधित मामलों के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही होगी।

पश्चिम विहार में गुरु रंधावा से जुड़े जिम पर फायरिंग

दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में गायक गुरु रंधावा से जुड़े जिम पर हुई फायरिंग की घटना में भी अनिल पंडित का नाम सामने आया है। आरोप है कि इस वारदात को उसके निर्देश पर अंजाम दिया गया था।

मामले की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने कथित तौर पर अनिल पंडित से जुड़े चार शूटरों को पकड़ा था। जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक, आरोपी सिग्नल ऐप के माध्यम से उसके संपर्क में थे।

शूटरों के पास से विदेशी हथियार बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है। अब जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण सवाल यह हैं कि हथियारों की व्यवस्था किसने की, शूटरों को निर्देश कहां से मिले और वारदात से पहले तथा बाद में उनके बीच किस तरह समन्वय किया गया।

पुणे के ज्वेलरी शोरूम पर फायरिंग में भी नाम

दिल्ली में फायरिंग की घटना के करीब 15 दिन बाद महाराष्ट्र के पुणे में एक ज्वेलरी शोरूम पर गोलीबारी की वारदात हुई। इस मामले को भी अनिल पंडित के कथित नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।

दावा है कि महाराष्ट्र पुलिस ने जांच के दौरान अनिल पंडित और शुभम लोनकर के कथित नेटवर्क से जुड़े शूटरों को पकड़ा था। फायरिंग करने वाले तीनों शूटर राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले बताए गए।

इस मामले में जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि आरोपी शूटर पुणे कैसे पहुंचे, उन्हें वारदात के लिए किसने निर्देश दिए और अनिल पंडित तथा शुभम लोनकर की कथित भूमिका क्या थी। अलग-अलग राज्यों में हुई घटनाओं को एक ही नेटवर्क से जोड़ने के लिए पुलिस को संपर्क, साक्ष्य और अन्य तकनीकी जानकारियों की पुष्टि करनी होगी।

भिवाड़ी और सोनीपत में भी फायरिंग के आरोप

हरियाणा के भिवाड़ी में गायक दिलेर खरकिया की कार पर हुई फायरिंग को भी अनिल पंडित के कथित नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। आरोप है कि इस घटना को भी उसके इशारे पर अंजाम दिया गया। जांच में फायरिंग के पीछे की वजह, संभावित धमकी या रंगदारी का संबंध और कथित नेटवर्क की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वहीं, सोनीपत में धमकी देने के मकसद से फायरिंग कराने का आरोप भी अनिल पंडित पर लगाया गया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हरियाणा एसटीएफ के साथ मिलकर कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान कथित शूटर रोहित दहिया के साथ कुंडली इलाके में मुठभेड़ होने की जानकारी सामने आई थी।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध है या अलग-अलग आपराधिक मामलों को एक ही नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क में और कौन-कौन?

अनिल पंडित के अलावा रणदीप मलिक, हैरी बॉक्सर, हरमन संधू, टायसन बिश्नोई और शुभम लोनकर के नाम भी इस कथित नेटवर्क के संदर्भ में सामने आए हैं। रणदीप मलिक के अमेरिका में मौजूद होने की जानकारी है।

हालांकि, किसी व्यक्ति का नाम जांच में सामने आना अपने आप में अपराध में उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। प्रत्येक मामले में संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस के आधिकारिक बयानों, आरोपपत्रों और अदालत के रिकॉर्ड से होनी जरूरी है।

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विदेश में हैंडलर और भारत में शूटर, कैसे काम करता है कथित नेटवर्क?

अनिल पंडित से जुड़े आरोप एक ऐसे कथित अपराध मॉडल की ओर इशारा करते हैं, जिसमें विदेश में मौजूद व्यक्ति और भारत में सक्रिय शूटरों के बीच संपर्क होने की बात कही जा रही है। मैसेजिंग ऐप के जरिए संवाद, हथियारों की उपलब्धता, शूटरों की अलग-अलग राज्यों में आवाजाही और वारदातों के बाद उनके ठिकानों का पता लगाना जांच के अहम पहलू हैं।

ऐसे मामलों में पुलिस को केवल फायरिंग करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहना पड़ता। कथित साजिश के पीछे मौजूद लोगों, वित्तीय लेनदेन, हथियारों की आपूर्ति और संचार के माध्यमों की भी जांच करनी होती है।

फिलहाल, पानीपत से दिल्ली, सोनीपत, भिवाड़ी और पुणे तक सामने आई घटनाओं में अनिल पंडित की कथित भूमिका जांच का विषय है। टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी लेने से जुड़े घटनाक्रम के बीच भी यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित दावे की पुष्टि किस तरह होती है और जांच एजेंसियां इसके पीछे मौजूद लोगों के बारे में क्या आधिकारिक जानकारी सामने लाती हैं।

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