Kiren Rijiju: लंदन में भारत विरोधी प्रदर्शन पर किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला, बोले- भारत को कभी नहीं तोड़ सकतीं विरोधी ताकतें

लंदन में कांग्रेस, पाकिस्तान और PoK के झंडों को लेकर किरेन रिजिजू ने सवाल उठाए। SIR, चुनाव आयोग और राहुल गांधी को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा।

Kiren Rijiju: लंदन में हुए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के झंडे पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के झंडों के साथ दिखाई दिए। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत विरोधी ताकतें कभी भी देश को तोड़ नहीं सकतीं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।

रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने लंदन में प्रदर्शित झंडों का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशों में भारत विरोधी समूहों की सभाएं देशभक्त भारतीयों को डरा नहीं सकतीं। केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत कभी नहीं झुकेगा और भारत विरोधी ताकतें देश को तोड़ने में सफल नहीं होंगी।

लंदन में झंडों को लेकर क्यों शुरू हुआ विवाद?

लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में शनिवार को हुए प्रदर्शन के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया गया। प्रदर्शन से संबंधित तस्वीरों और झंडों को लेकर किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर सवाल उठाए।

रिजिजू का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के झंडे पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के झंडों के साथ दिखाई दिए। उन्होंने इसे भारत विरोधी गतिविधियों से जोड़ते हुए विपक्षी दल पर निशाना साधा। हालांकि, प्रदर्शन में शामिल विभिन्न समूहों की भूमिका और झंडों के संदर्भ को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र रूप से उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों की पुष्टि जरूरी है।

केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य पोस्ट में प्रशांत भूषण के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अब लड़ाई भारत विरोधी ताकतों और उन देशभक्त भारतीयों के बीच है, जो भारत की रक्षा करना चाहते हैं। उनके इन बयानों ने चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया है।

राहुल गांधी और कांग्रेस पर पहले भी साधा था निशाना

लंदन के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर हमला करने से एक दिन पहले भी किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की थी। उन्होंने बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं और फ्रांस में दंगे, आगजनी तथा लूटपाट का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि इसी तरह की स्थिति भारत में पैदा करने की साजिश रची गई थी।

रिजिजू के मुताबिक, भारत विरोधी समूहों और कुछ नेताओं ने युवाओं को भड़काने और देश की सड़कों पर हिंसा फैलाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनावी प्रक्रिया से होकर गुजरता है, न कि जॉर्ज सोरोस जैसे बाहरी लोगों के माध्यम से।

ये आरोप रिजिजू की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। इन्हें किसी कथित साजिश का स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

SIR और चुनाव आयोग को लेकर क्यों जारी है विवाद?

भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक और चुनाव आयोग के बीच विवाद जारी है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके औचित्य को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लगातार बहस देखने को मिल रही है।

SIR के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन केवल भारत तक सीमित नहीं रहे हैं। लंदन में भी इस विषय को लेकर प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें अलग-अलग समूहों ने अपनी राजनीतिक राय रखी। इससे भारत के चुनावी और राजनीतिक मुद्दों पर विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भी बहस सामने आई है।

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लंदन में मोदी समर्थकों ने भी किया प्रदर्शन

लंदन में विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में भी एक जवाबी प्रदर्शन होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रवासी समुदाय के कुछ सदस्यों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने भारतीय उच्चायोग के बाहर NSUI और अन्य समूहों की ओर से किए जा रहे प्रदर्शनों का विरोध किया।

इस घटनाक्रम से साफ है कि भारत में चुनाव आयोग और SIR को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस विदेशों तक पहुंच गई है। अलग-अलग समूह अपने-अपने पक्ष में प्रदर्शन कर रहे हैं और राजनीतिक दल इन घटनाओं को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

फिलहाल, लंदन में झंडों को लेकर शुरू हुआ विवाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है। किरेन रिजिजू ने इसे देश की एकता और राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए कांग्रेस पर हमला बोला है, जबकि SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की आपत्तियां अलग राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी हुई हैं। इस पूरे मामले में प्रदर्शन के संदर्भ, संबंधित समूहों की भूमिका और लगाए गए आरोपों को तथ्यों के आधार पर अलग-अलग समझना जरूरी है।

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