N Biren Singh: बीरेन सिंह का आरोप- BJP नेताओं ने मुझे हटाने की रची थी साजिश

N Biren Singh: खेमचंद सरकार पर उठाए सवाल, दोबारा CM बनने की जताई उम्मीद।

N Biren Singh: मणिपुर की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के ताजा बयान से एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। BJP नेता बीरेन सिंह ने आरोप लगाया है कि पार्टी के कुछ राज्य स्तरीय नेताओं ने कांग्रेस के साथ मिलकर उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से ही उनके साथ पार्टी के भीतर अच्छा व्यवहार नहीं किया गया।

पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बीरेन सिंह ने मौजूदा मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व वाली सरकार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि फरवरी 2025 में उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद भी मणिपुर में हिंसा थमी नहीं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले BJP को जनता का भरोसा दोबारा हासिल करने के लिए काम करने की सलाह दी। साथ ही दावा किया कि लोग उन्हें फिर से मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

‘कांग्रेस के साथ मिलकर मेरे खिलाफ बनाई गई योजना’

बीरेन सिंह ने कहा कि वह BJP के केंद्रीय नेतृत्व को अपनी शिकायतों के लिए जिम्मेदार नहीं मानते, बल्कि राज्य के कुछ नेताओं पर उन्हें हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाते हैं। उनके मुताबिक, कुछ विधायक इस बात से नाराज थे कि कांग्रेस छोड़कर BJP में आने के बाद उन्हें दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर कैसे मिला।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता BJP को अपनी निजी संपत्ति समझते थे। इसी सोच के चलते उनके खिलाफ योजना बनाई गई और उनसे इस्तीफा दिलवाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ नेताओं ने कांग्रेस के साथ मिलकर उनके खिलाफ काम किया।

मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी नहीं थमी हिंसा

बीरेन सिंह ने अपने इस्तीफे के बाद मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर मौजूदा सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें हटाने का उद्देश्य राज्य में शांति स्थापित करना था, तो उनके पद छोड़ने के बाद भी हिंसा क्यों जारी रही?

उन्होंने नागा और कुकी समुदायों से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में हालात अब भी चिंता का विषय हैं। बीरेन सिंह ने उन आरोपों पर भी सवाल उठाए, जिनमें उनके कार्यकाल के दौरान बहुसंख्यक समुदाय का पक्ष लेने की बात कही जाती रही थी। उन्होंने मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि अब अलग-अलग ईसाई समुदायों के बीच भी हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं।

यूरोपीय संसद के रुख पर भी जताई नाराजगी

मणिपुर हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतिक्रियाओं पर भी बीरेन सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने जुलाई 2023 में यूरोपीय संसद की ओर से पारित प्रस्ताव का जिक्र किया। इस प्रस्ताव में मणिपुर में जातीय हिंसा पर चिंता जताते हुए भारत से धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, हिंसा समाप्त करने और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया था।

बीरेन सिंह ने मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए यूरोपीय संसद के रुख पर सवाल उठाए और कहा कि राज्य में अब भी हिंसा की घटनाएं हो रही हैं।

नशा विरोधी अभियान और अवैध प्रवासियों की पहचान पर जोर

पूर्व मुख्यमंत्री ने खेमचंद सरकार के कामकाज पर असंतोष जताते हुए कहा कि नशे और अफीम की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को लगातार जारी रखना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि इन मुद्दों पर सरकार की ओर से अपेक्षित सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है।

बीरेन सिंह ने संदिग्ध अवैध प्रवासियों की बायोमेट्रिक पहचान की प्रक्रिया जारी रखने की भी मांग की। उनका कहना है कि यदि ऐसे लोगों को देश से बाहर भेजना संभव नहीं है, तो कम से कम उनकी पहचान कर उन्हें निर्धारित शिविरों में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले शुरू की गई पहलों को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि ये राज्य के भविष्य से जुड़ी हैं।

विधानसभा चुनाव से पहले BJP को जनता का भरोसा जीतने की सलाह

बीरेन सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले BJP को लोगों के बीच जाकर अपने काम और योजनाओं की जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने सीमा पर बाड़ लगाने और संदिग्ध अवैध प्रवासियों की बायोमेट्रिक पहचान जैसे कदमों को जनता के सामने रखने की जरूरत बताई।

उनके मुताबिक, पार्टी को यह भरोसा दिलाना होगा कि उसके पास मणिपुर के भविष्य को लेकर स्पष्ट योजना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि BJP का केंद्रीय नेतृत्व राज्य के हालात सुधारने के लिए हस्तक्षेप करेगा।

क्या फिर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं बीरेन सिंह?

इंटरव्यू में जब बीरेन सिंह से पूछा गया कि यदि BJP दोबारा सत्ता में आती है, तो क्या वह मुख्यमंत्री पद पर लौटना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला पार्टी और चुनावी नतीजों पर निर्भर करेगा।

हालांकि, उन्होंने दावा किया कि जनता की ओर से उन्हें फिर मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठ रही है। बीरेन सिंह ने कहा कि वह अपनी ओर से इस पद को लेकर कोई दावा नहीं कर सकते, लेकिन लोगों की मांग काफी अधिक है।

उनके इस बयान के बाद मणिपुर BJP में नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी आगामी चुनाव से पहले राज्य में जारी राजनीतिक मतभेदों और जनता के भरोसे से जुड़े सवालों का किस तरह सामना करती है।

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