Delhi Fire: दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां फेज-1 स्थित जूता फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री के अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
रात करीब 9:32 बजे मिली आग की सूचना
जानकारी के मुताबिक, आग लगने की यह घटना शुक्रवार रात मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में हुई। दमकल विभाग को रात करीब 9:32 बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई की और 20 से अधिक दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग फैक्ट्री के बेसमेंट में लगी थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। इस दौरान फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए। आग और धुएं के कारण उनके लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। वहीं, आसपास के इलाके में भी आग की खबर फैलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बेहोशी की हालत में मिले छह लोग
दमकल विभाग की टीमों ने कई घंटों तक मशक्कत कर आग पर काबू पाया। इसके बाद फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बचाव अभियान के दौरान दमकलकर्मियों को फैक्ट्री के अंदर से छह लोग बेहोशी की हालत में मिले।
सभी छह लोगों को तत्काल नजदीकी संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल हुए दो अन्य लोगों का इलाज जारी है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इलाकों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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फैक्ट्री मालिक से पूछताछ, आग लगने की वजह की जांच
फायर ऑफिसर ADO पारस कुमार के मुताबिक, फैक्ट्री में लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इस मामले में फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा ठेकेदार और फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त फैक्ट्री के अंदर कुल कितने मजदूर मौजूद थे और आग लगने के बाद उन्हें बाहर निकलने का पर्याप्त मौका मिला था या नहीं। साथ ही फैक्ट्री में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और आग बुझाने से जुड़े उपकरण उपलब्ध थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल हादसे की असली वजह सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। चार लोगों की मौत के बाद उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि फैक्ट्री में आग किस वजह से लगी और क्या इस हादसे को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे।



