समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई को लेकर शनिवार को रामपुर में हलचल तेज हो गई। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए हैं। जमानत की शर्तें पूरी करने के बाद अब जेल प्रशासन की औपचारिकताएं बाकी हैं। हालांकि, किसी दूसरे मामले में निरुद्ध होने या अन्य कानूनी अड़चन सामने आने पर रिहाई में देरी हो सकती है।
रिहाई की खबर सामने आते ही रामपुर जेल के बाहर समर्थकों और लोगों की आवाजाही बढ़ गई। जेल के आसपास गहमागहमी का माहौल है और समर्थक दोनों नेताओं के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार देर शाम तक उनकी रिहाई होने की उम्मीद जताई जा रही है।
हाईकोर्ट से मिली थी दो पैन कार्ड मामले में जमानत
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को उनकी सजा निलंबित कर जमानत मंजूर की थी। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसका मतलब है कि जमानत मिलने के बावजूद निचली अदालत का दोषी ठहराने वाला फैसला फिलहाल बरकरार है।
यह मामला अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड होने के आरोपों से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, दोनों पैन कार्ड में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी। आरोप लगाया गया था कि चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र की पात्रता पूरी करने के लिए कथित तौर पर दूसरे पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज हुआ था।
जुर्माने की आधी रकम और जमानतियों की राशि जमा
हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए दोनों को जुर्माने की आधी राशि जमा करने और 50-50 हजार रुपये के दो-दो जमानती दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके बाद शुक्रवार को आजम खान और अब्दुल्ला आजम की ओर से एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में जरूरी रकम जमा कराई गई।
दी गई जानकारी के मुताबिक, आजम खान की ओर से कुल 3.50 लाख रुपये जमा किए गए। इसमें 2.50 लाख रुपये जुर्माने की आधी राशि और एक लाख रुपये जमानतियों की रकम शामिल है। वहीं, अब्दुल्ला आजम की ओर से कुल 2.75 लाख रुपये जमा कराए गए। इसमें 1.75 लाख रुपये जुर्माने की आधी राशि और एक लाख रुपये जमानतियों की रकम शामिल है।
कोर्ट में हाईकोर्ट का आदेश दाखिल होने और जमानत की शर्तें पूरी होने के बाद दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए गए। अब जेल प्रशासन को संबंधित दस्तावेजों और अन्य कानूनी पहलुओं की जांच पूरी करनी है।
आजम खान की रिहाई में दूसरी कानूनी अड़चन बन सकती है वजह
आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर एक अहम पहलू यह भी है कि दोनों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज हैं। दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि दूसरे मामलों में भी उनकी रिहाई अपने आप हो जाएगी। जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी अन्य मामले में उनके खिलाफ हिरासत या वारंट से जुड़ा कोई आदेश लंबित न हो।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आजम खान के खिलाफ कुछ अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में उनकी रिहाई का अंतिम फैसला जेल प्रशासन के रिकॉर्ड और संबंधित अदालतों के आदेशों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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जमानत मिली, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक नहीं
इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण बात है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सजा निलंबित करते हुए उन्हें जमानत तो दे दी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। इसका असर उनकी चुनाव लड़ने की पात्रता पर भी पड़ता है। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों की दोषसिद्धि फिलहाल कायम है।
फिलहाल रामपुर में समर्थकों की निगाहें जेल प्रशासन की प्रक्रिया पर टिकी हैं। रिहाई के परवाने जारी होने के बाद आजम खान और अब्दुल्ला आजम के बाहर आने की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन अंतिम स्थिति दूसरी कानूनी बाधाओं की जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी



