Mamta Kafle Bhatt Case: अमेरिका के वर्जीनिया में ममता काफ्ले भट्ट की गुमशुदगी और हत्या के मामले में उनके पति नरेश भट्ट ने अदालत में कई अहम बातें बताई हैं। भारतीय मूल के नरेश भट्ट ने गवाही के दौरान दावा किया कि उनकी पत्नी की मौत आत्महत्या से हुई थी। उन्होंने बताया कि पत्नी को बिस्तर के पास बेहोश हालत में देखने के बाद करीब एक घंटे तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन बाद में घबराहट में शव को ठिकाने लगाने का फैसला कर लिया।
अदालत में दिए गए बयान के मुताबिक, नरेश ने शव को बाथरूम में ले जाकर पहले कूड़ेदान में डालने की कोशिश की, लेकिन शव उसमें नहीं समा पाया। इसके बाद उन्होंने आरी से शव के टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग बैग में रखकर कचरे में फेंक दिया। हालांकि, नरेश ने पत्नी की हत्या करने के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि ममता ने खुदकुशी की थी।
नरेश भट्ट ने आत्महत्या का किया दावा
अदालत में गवाही देते हुए नरेश भट्ट ने बताया कि उन्हें ममता बिस्तर के पास बेहोश अवस्था में मिली थीं। उन्होंने आशंका जताई कि उनकी पत्नी ने कोई जहरीला कीटनाशक या रसायन खा लिया था। नरेश के मुताबिक, उन्होंने ममता को बचाने के लिए सीपीआर देने समेत कई कोशिशें कीं।
उन्होंने दावा किया कि करीब एक घंटे तक पत्नी को होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद वह घबरा गए और पुलिस या आपातकालीन सेवा को फोन नहीं किया। नरेश ने अदालत में कहा कि डर और घबराहट के कारण उन्होंने गलत फैसला लिया।
शव को आरी से काटकर बैग में रखा
नरेश भट्ट ने गवाही में स्वीकार किया कि पत्नी की मौत के बाद उन्होंने शव को बाथरूम में ले जाकर उसके टुकड़े किए। उनके अनुसार, शुरुआत में उन्होंने शव को कूड़ेदान में डालने की कोशिश की थी, लेकिन वह उसमें फिट नहीं हुआ।
इसके बाद उन्होंने आरी का इस्तेमाल कर शव के टुकड़े किए और उन्हें बैग में रखा। बाद में इन बैगों को कचरे के साथ अलग-अलग जगहों पर फेंकने की बात भी उन्होंने स्वीकार की। अदालत में सामने आया यह बयान मामले की सुनवाई का अहम हिस्सा बन गया है।
ममता काफ्ले भट्ट कब हुई थीं लापता?
28 वर्षीय ममता काफ्ले भट्ट को आखिरी बार 29 जुलाई 2024 को वीडियो कॉल पर देखा गया था। इसके बाद वह अपने काम पर नहीं पहुंचीं। 5 अगस्त 2024 को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
ममता के लापता होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती दौर में नरेश भट्ट ने पुलिस से कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि उनकी पत्नी लापता हैं। बाद में उन्होंने खुद भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस का संदेह नरेश पर गहराता गया।
नरेश भट्ट पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप
इस मामले में नरेश भट्ट पर हत्या, शव को क्षत-विक्षत करने और सबूत छिपाने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर अपनी दलीलें रख रहा है। वहीं, नरेश का दावा है कि ममता की मौत आत्महत्या से हुई थी और उन्होंने हत्या नहीं की।
अदालत में नरेश की गवाही के दौरान शव के टुकड़े करने और उन्हें ठिकाने लगाने से जुड़ी बातें सामने आईं। अब मामले में अदालत के सामने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
ममता की गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, अब कोर्ट में सुनवाई
ममता काफ्ले भट्ट के लापता होने के बाद शुरू हुई जांच ने बाद में गंभीर आपराधिक मामले का रूप ले लिया। पुलिस ने उनके पति नरेश भट्ट के खिलाफ कार्रवाई की और मामला अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान नरेश ने अपनी ओर से पत्नी की मौत को आत्महत्या बताया, जबकि उन पर हत्या और शव के साथ छेड़छाड़ के आरोप कायम हैं।
फिलहाल अदालत में सामने आया नरेश का बयान उनका पक्ष है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।



