Women Table Tennis: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 3-0 से मात दे दी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। ग्रुप चरण में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा और उसने एक भी मुकाबला नहीं गंवाया।
पहले मुकाबले से ही दिखी भारतीय खिलाड़ियों की ताकत
भारत की ओर से पहला मुकाबला सुतीर्था मुखर्जी ने खेला। उन्होंने अलीना खान के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। सुतीर्था ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की और भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी।
इस मुकाबले में पाकिस्तान की खिलाड़ी भारतीय चुनौती का जवाब देने में संघर्ष करती नजर आईं। सुतीर्था की जीत ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया।
सिंड्रेला दास ने बढ़ाई पाकिस्तान की मुश्किलें
दूसरे मैच में सिंड्रेला दास ने शानदार प्रदर्शन किया। उनका सामना कालसूम खान से हुआ, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा।
सिंड्रेला ने लगातार अच्छे शॉट्स लगाए और मुकाबला सीधे सेटों में अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही भारत ने कुल स्कोर में 2-0 की बढ़त बना ली।
श्रीजा अकुला ने खत्म की पाकिस्तान की चुनौती
तीसरे और निर्णायक मुकाबले में श्रीजा अकुला ने फातिमा खान का सामना किया। श्रीजा ने शानदार लय बरकरार रखते हुए पाकिस्तान की खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।
उन्होंने लगातार सेट जीतकर मुकाबला समाप्त किया और भारत को 3-0 की जीत दिला दी। टीम इवेंट के नियमों के अनुसार तीन मैच जीतते ही भारत विजेता घोषित हो गया।
लगातार तीसरी जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
भारतीय महिला टीम ने अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ 3-0 की जीत से की थी। इसके बाद सिंगापुर के खिलाफ कड़े मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज की। वहीं पाकिस्तान के खिलाफ टीम ने पूरी तरह दबदबा बनाते हुए एकतरफा जीत हासिल की।
लगातार तीन जीत के बाद भारतीय टीम का मनोबल काफी ऊंचा है और अब उसकी नजरें अगले दौर पर टिकी हैं।
पदक की उम्मीदें हुईं मजबूत
पिछले एशियन गेम्स में भारतीय महिला टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। हालांकि इस बार टीम अलग अंदाज में नजर आ रही है। खिलाड़ियों की शानदार फॉर्म और बेहतरीन तालमेल ने भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत कर दिया है।
अब क्वार्टरफाइनल में भारतीय टीम से एक और दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यदि यही लय बरकरार रही तो भारत टेबल टेनिस में इतिहास रच सकता है।



