Election Commission: देशभर में मतदाता सूची को अधिक सटीक और व्यापक बनाने की कोशिशों के बीच चुनाव आयोग की नई पहल चर्चा का विषय बन गई है। आयोग ने ऐसे नागरिकों के लिए विशेष मतदाता पंजीकरण कैंप शुरू किए हैं, जिनका नाम अभी तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है। इस कदम के सामने आते ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने पूछा कि यदि यह व्यवस्था पहले से संभव थी, तो इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और कई यूजर्स ने भी अपनी-अपनी राय रखी।
क्या है चुनाव आयोग का नया अभियान?
चुनाव आयोग ने विशेष पंजीकरण कैंप के जरिए उन लोगों को सुविधा देने का फैसला किया है जो किसी कारणवश अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। इसके अलावा वे युवा भी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी की है और मतदान का अधिकार प्राप्त किया है।
इस व्यवस्था के तहत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची के अगले बड़े संशोधन अभियान का इंतजार नहीं करना होगा। वे सीधे आवेदन देकर अपना नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
दीपके ने क्यों उठाए सवाल?
अभिजीत दीपके का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। ऐसे में विशेष पंजीकरण सुविधा की शुरुआत पहले भी की जा सकती थी। उन्होंने आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह कदम अब जाकर क्यों उठाया गया।
दीपके की पोस्ट के बाद उनके समर्थकों ने भी प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने चुनाव आयोग की पहल का स्वागत किया, जबकि कुछ ने इसे देर से लिया गया फैसला बताया।
पहले भी चुनाव आयोग पर रहे हैं हमलावर
यह पहला मौका नहीं है जब अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हों। पिछले कुछ समय से वह मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार बयान देते रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
इसी वजह से आयोग के नए फैसले पर उनकी प्रतिक्रिया को राजनीतिक हलकों में भी ध्यान से देखा जा रहा है।
कौन करा सकता है पंजीकरण?
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मतदाता बनने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। साथ ही उसकी आयु निर्धारित पात्रता तिथि तक 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
आवेदक उस क्षेत्र का सामान्य निवासी भी होना चाहिए जहां वह अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना चाहता है। यदि कोई व्यक्ति कानूनी रूप से मतदान के लिए अयोग्य घोषित नहीं है, तो वह पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है।
आयोग का उद्देश्य क्या है?
चुनाव आयोग का कहना है कि उसका लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना है। आयोग के मुताबिक, विशेष कैंप के जरिए उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है।
फिलहाल, मतदाता पंजीकरण अभियान और अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में इस विषय पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।



