CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या से जुड़े मुद्दों पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और वामपंथी दलों को निशाने पर लिया। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्मशती के अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
अशोक सिंघल के योगदान को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मंदिर आंदोलन को जनआंदोलन बनाने में कई संगठनों और कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक प्रयास किए। योगी ने कहा कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण उसी लंबे संघर्ष का परिणाम है।
विपक्षी दलों के रुख पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कई राजनीतिक दलों ने वर्षों तक राम मंदिर के मुद्दे पर अलग-अलग तरह के तर्क देकर आंदोलन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यक्रमों के दौरान भी कुछ दलों का रवैया सकारात्मक नहीं रहा। योगी ने दावा किया कि राजनीतिक लाभ और वोट बैंक की चिंताओं ने कई नेताओं को राम मंदिर से जुड़े आयोजनों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उल्लेख करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने निमंत्रण मिलने के बावजूद कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह फैसला राजनीतिक गणित से प्रभावित था।
कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
योगी ने विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आंदोलन या अभियान में ऐसे तत्व सक्रिय हो सकते हैं जो उसके मूल उद्देश्य को प्रभावित करने की कोशिश करें। इसलिए सतर्कता और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।
अयोध्या के बदलते स्वरूप पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार से अयोध्या नए विकास मॉडल के रूप में उभर रही है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जारी है बयानबाजी
राम मंदिर और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। एक ओर भाजपा इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़ती है, वहीं विपक्ष समय-समय पर अलग दृष्टिकोण सामने रखता रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।



