UPSC Exam 2026: आंसर की पर अभ्यर्थियों की आपत्ति, UPSC के खिलाफ CAT में पहुंचा मामला

UPSC Exam 2026: 63 उम्मीदवारों ने UPSC प्रीलिम्स 2026 की प्रोविजनल आंसर की के कई उत्तरों पर सवाल उठाते हुए CAT में याचिका दायर की है।

UPSC Exam 2026: UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 की प्रोविजनल उत्तर कुंजी को लेकर नया विवाद सामने आया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि कुछ प्रश्नों के आधिकारिक उत्तर गलत हैं, जबकि कई सवाल ऐसे हैं जिनमें एक से अधिक विकल्प सही माने जा सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर 63 उम्मीदवारों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में याचिका दायर की है।

मामले ने तब तूल पकड़ा जब पहले कुछ उम्मीदवारों ने सीमित संख्या में प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई थी। अब यह विवाद बढ़कर 27 प्रश्नों तक पहुंच गया है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

पहले 8 सवालों से शुरू हुआ मामला

जानकारी के अनुसार, शुरुआत में चार अभ्यर्थियों ने जनरल स्टडीज पेपर-1 के आठ प्रश्नों को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि आधिकारिक उत्तर और प्रमाणिक स्रोतों में अंतर है। साथ ही कुछ प्रश्नों की भाषा और विकल्पों को लेकर भी भ्रम की स्थिति बताई गई थी।

बाद में 63 उम्मीदवारों के समूह ने नई याचिका दाखिल कर कुल 27 प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई। नई याचिका में पहले से विवादित प्रश्न भी शामिल हैं।

किन विषयों के प्रश्न विवाद में?

याचिका में जिन सवालों को चुनौती दी गई है, वे अलग-अलग विषयों से जुड़े हैं। इनमें खेल, कानून, इतिहास और कृषि जैसे विषय शामिल बताए जा रहे हैं।

अभ्यर्थियों ने विशेष रूप से ग्रैंड स्लैम नियमों, जीरो एफआईआर, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और ऋग्वैदिक काल से जुड़े प्रश्नों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कुछ उत्तर उपलब्ध मानक संदर्भों से मेल नहीं खाते।

कटऑफ के आसपास रहे उम्मीदवारों की बढ़ी उम्मीद

कई उम्मीदवारों का दावा है कि वे बहुत कम अंकों से मुख्य परीक्षा की कटऑफ से पीछे रह गए। ऐसे में यदि किसी प्रश्न का उत्तर बदला जाता है या उसे हटाया जाता है, तो उनके परिणाम में बदलाव आ सकता है।

इसी वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस मामले को गंभीर मान रहे हैं। उनका कहना है कि उत्तर कुंजी की समीक्षा निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए ताकि किसी उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो।

CAT में होगी सुनवाई

मामले पर संज्ञान लेते हुए CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया है। अब आयोग को उम्मीदवारों की आपत्तियों पर अपना पक्ष रखना होगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही यह तय होगा कि विवादित प्रश्नों में किसी तरह की त्रुटि है या नहीं।

8 अक्टूबर को अहम दिन

इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। UPSC अभ्यर्थियों और शिक्षा जगत की निगाहें इस तारीख पर टिकी हुई हैं। सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उत्तर कुंजी में किसी संशोधन की जरूरत है या नहीं।

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