AC Price Hike: त्योहारों से पहले महंगे हो सकते हैं AC-फ्रिज और TV, जानिए बढ़ती कीमत से पहले खरीदारी का तरीका

AC Price Hike: कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों पर दबाव, कुछ डीलरों के पुराने स्टॉक में मिल सकता है मौजूदा रेट का फायदा

AC Price Hike: त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए आने वाले दिन अहम हो सकते हैं। AC, LED TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरणों की कीमतों में जल्द बदलाव देखने को मिल सकता है। कई कंपनियां बढ़ती लागत के चलते अक्टूबर से अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। अलग-अलग प्रोडक्ट और कंपनी के हिसाब से यह बढ़ोतरी 2 से 8 फीसदी तक हो सकती है।

हालांकि, ग्राहकों के लिए पूरी तरह निराश होने वाली स्थिति नहीं है। बाजार में मौजूद पुराना स्टॉक कुछ समय तक पुरानी कीमतों पर बिक सकता है। इसका मतलब है कि अगर ग्राहक सही समय पर खरीदारी करते हैं और डीलरों के पास उपलब्ध पुराने स्टॉक की जानकारी लेते हैं, तो उन्हें बढ़े हुए दाम से पहले सामान खरीदने का मौका मिल सकता है।

AC खरीदने वालों पर पड़ सकता है ज्यादा असर

कीमत बढ़ने की सबसे ज्यादा चर्चा एयर कंडीशनर को लेकर है। कुछ कंपनियां AC की कीमत में करीब 5 से 8 फीसदी तक इजाफा करने की तैयारी में हैं। गर्मी के सीजन के बाद त्योहारी मांग के बीच यह बढ़ोतरी उन ग्राहकों का बजट प्रभावित कर सकती है, जो घर या ऑफिस के लिए नया AC खरीदने की योजना बना रहे हैं।

दूसरी ओर, कुछ कंपनियां LED TV और वॉशिंग मशीन के दाम करीब 2 से 3 फीसदी तक बढ़ा सकती हैं। हालांकि, कुछ टीवी कंपनियों की ओर से करीब 7 फीसदी तक कीमत बढ़ाने की योजना की भी जानकारी सामने आई है। वहीं फ्रिज और दूसरे घरेलू उपकरणों की कीमत में करीब 3 से 4 फीसदी तक वृद्धि हो सकती है।

1 अक्टूबर से ही हर सामान महंगा नहीं होगा

कीमत बढ़ने की खबर के बावजूद जरूरी नहीं कि 1 अक्टूबर से बाजार में मौजूद हर प्रोडक्ट की कीमत तुरंत बढ़ जाए। कंपनियों और डीलरों के पास पहले से खरीदा गया स्टॉक मौजूद है। जब तक यह पुराना माल बाजार में उपलब्ध रहेगा, कुछ मॉडल पुराने दाम पर बिक सकते हैं।

Godrej के अनुसार, डीलरों के पास करीब एक से डेढ़ महीने तक चलने वाला स्टॉक मौजूद है। ऐसे में कुछ उत्पादों पर ग्राहकों को दिवाली तक पुराने रेट का फायदा मिलने की संभावना है। हालांकि यह पूरी तरह डीलर के स्टॉक और संबंधित मॉडल की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

जनवरी तक कीमतों में कुल 15 फीसदी तक बढ़ोतरी का अनुमान

अगर कंपनियों की लागत में आगे भी इजाफा जारी रहता है, तो कीमतों में यह एकमात्र बढ़ोतरी नहीं हो सकती। Haier ने अक्टूबर से जनवरी के बीच कुल मिलाकर करीब 15 फीसदी तक कीमत बढ़ने की संभावना जताई है।

दूसरी तरफ Panasonic फिलहाल लागत और बाजार की स्थिति की समीक्षा कर रही है। कंपनी ने कीमत बढ़ाने को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

AC की लागत में कॉपर का बड़ा हिस्सा

AC की कीमतों पर दबाव बढ़ने की एक बड़ी वजह कॉपर की बढ़ी कीमत है। Haier India के मुताबिक पिछले साल कॉपर करीब 8,000-9,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के स्तर पर था, जबकि अब इसकी कीमत लगभग 14,500 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है।

एक AC में औसतन 3 से 4 किलो कॉपर का इस्तेमाल होता है। ऐसे में कॉपर महंगा होने का सीधा असर एयर कंडीशनर की निर्माण लागत पर पड़ता है। कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा उत्पादों की कीमत बढ़ाकर ग्राहकों पर डाल सकती हैं।

कई कंपनियां पहले ही बढ़ा चुकी हैं कीमत

अक्टूबर में संभावित बढ़ोतरी से पहले ही कुछ कंपनियों ने AC की कीमतों में इजाफा किया है। Daikin ने 16 सितंबर से AC की कीमतों में करीब 8 से 10 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। इसके अलावा LG और Bosch Home Comfort की ओर से भी करीब 5 फीसदी की कीमत वृद्धि की गई है।

स्टील से लेकर प्लास्टिक तक महंगा हुआ कच्चा माल

कंपनियों की लागत सिर्फ कॉपर की वजह से नहीं बढ़ी है। स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और क्रूड ऑयल से जुड़े कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी उत्पादन खर्च बढ़ाया है। इसके साथ ही माल ढुलाई की लागत और रुपये की कमजोरी का असर भी कंपनियों के खर्च पर पड़ा है।

Godrej के मुताबिक पिछली कीमत समीक्षा के बाद कमोडिटी लागत में करीब 8 से 10 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसी वजह से कंपनियां अलग-अलग उत्पाद श्रेणियों में कीमतों को संशोधित करने पर विचार कर रही हैं।

ग्राहक पुराने दाम पर सामान कैसे खरीद सकते हैं?

अगर आप अगले कुछ हफ्तों में AC, TV, फ्रिज या वॉशिंग मशीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पुराने स्टॉक वाले डीलरों से कीमत की जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है। अलग-अलग दुकानों पर एक ही मॉडल के उपलब्ध स्टॉक और कीमत की तुलना की जा सकती है।

इसके अलावा त्योहारी सीजन में मिलने वाले बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और डिस्काउंट को भी अंतिम कीमत में शामिल करके तुलना करनी चाहिए। पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद संबंधित मॉडल पर नई कीमत लागू हो सकती है।

इसलिए खरीदारी को बहुत लंबे समय तक टालने वाले ग्राहकों को संभावित कीमत बढ़ोतरी के साथ-साथ उपलब्ध ऑफर्स और पुराने स्टॉक की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी।

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