Rohit Sharma on Virat Kohli: रोहित ने विराट संग दोस्ती पर खोले राज, बोले- खेलने का तरीका अलग, लक्ष्य हमेशा एक

रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपने रिश्ते और आपसी समझ पर बात की। उन्होंने बताया कि दोनों के खेलने का अंदाज अलग है, लेकिन टीम इंडिया के लिए लक्ष्य हमेशा एक रहा है।

Rohit Sharma on Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली की दोस्ती और मैदान के बाहर की बॉन्डिंग लंबे समय से चर्चा में रही है। दोनों ने भारतीय टीम के लिए करीब दो दशक तक साथ क्रिकेट खेला है और अलग-अलग दौर में टीम की कप्तानी भी संभाली है। अब रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपने रिश्ते और आपसी समझ को लेकर कई अहम बातें साझा की हैं।

रोहित ने बताया कि दोनों खिलाड़ियों की क्रिकेट खेलने की शैली भले ही अलग रही हो, लेकिन टीम इंडिया को लेकर उनकी सोच और लक्ष्य हमेशा एक रहे हैं। यही वजह है कि दोनों के बीच मैदान के अंदर प्रतिस्पर्धा के बजाय एक-दूसरे के खेल को समझने और बेहतर करने में मदद करने की भावना बनी रही।

करीब दो दशक से साथ हैं रोहित और विराट

रोहित शर्मा ने 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, जबकि विराट कोहली ने 2008 में भारतीय टीम के लिए पदार्पण किया। इस तरह दोनों का अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग एक ही दौर में शुरू हुआ। इसके बाद दोनों ने भारतीय टीम के साथ कई बड़े टूर्नामेंट और सीरीज में हिस्सा लिया।

रोहित ने जियोस्टार के साथ बातचीत में कहा कि दोनों ने लगभग एक ही समय पर शुरुआत की और इतने लंबे समय में उन्होंने समझा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रदर्शन करने के लिए किस तरह की मेहनत और तैयारी की जरूरत होती है।

दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने करियर में भारतीय टीम की कप्तानी भी की है। हालांकि कप्तानी की जिम्मेदारियां अलग-अलग समय पर रहीं, लेकिन टीम के लिए प्रदर्शन करने और जीत हासिल करने की कोशिश दोनों के करियर का अहम हिस्सा रही है।

खेलने का अंदाज अलग, लेकिन सोच एक

रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए कहा कि दोनों के खेलने का तरीका अलग है। बल्लेबाजी की शैली, परिस्थितियों को देखने का नजरिया और मैदान पर फैसले लेने का तरीका दोनों का अपना-अपना रहा है।

इसके बावजूद दोनों के बीच मजबूत समझ बनी हुई है। रोहित के मुताबिक, विराट आज भी उसी जुनून के साथ खेलते हैं और उनका ध्यान टीम के लिए रन बनाने तथा मुकाबले जीतने पर रहता है।

रोहित ने यह भी संकेत दिया कि विराट के खेल में वह निरंतरता अब भी दिखाई देती है, जिसके लिए वह लंबे समय से जाने जाते हैं। कप्तान रहते हुए भी विराट का रवैया टीम के लिए योगदान देने वाला था और समय के साथ इस सोच में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।

एक-दूसरे की बल्लेबाजी पर होती है चर्चा

रोहित ने बताया कि दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे की बल्लेबाजी पर चर्चा भी करते हैं। अगर विराट को रोहित की बल्लेबाजी में किसी हिस्से में सुधार की गुंजाइश नजर आती है, तो वह अपनी राय साझा करते हैं। इसी तरह रोहित भी विराट की बल्लेबाजी को लेकर अपनी बात रखते हैं।

यह बातचीत केवल तारीफ तक सीमित नहीं है। दोनों एक-दूसरे के अनुभव का इस्तेमाल अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के कारण दोनों के पास अलग-अलग परिस्थितियों और मैचों का काफी अनुभव है।

रोहित के अनुसार, समय के साथ उनके रिश्ते में यह पहलू बना हुआ है और दोनों के बीच एक-दूसरे के खेल को समझने की क्षमता मजबूत हुई है।

पहले की तुलना में कम होती है मुलाकात

रोहित ने यह भी बताया कि पहले दोनों खिलाड़ियों की मुलाकात ज्यादा होती थी। लगातार क्रिकेट दौरों के कारण दोनों लंबे समय तक टीम के साथ रहते थे। लगभग एक साल पहले तक उनका ज्यादातर समय यात्रा और क्रिकेट के बीच ही गुजरता था।

अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कार्यक्रम में बदलाव और निजी समय मिलने के कारण दोनों को घर पर रहने का अधिक मौका मिलता है। हालांकि इसके बावजूद व्यक्तिगत मुलाकात पहले की तुलना में कुछ कम हुई है।

रोहित ने इसकी एक वजह दोनों के घरों के बीच दूरी को भी बताया। इसके अलावा वनडे सीरीज के बीच भी अब पहले की तरह लगातार मुकाबले नहीं होते, इसलिए दोनों को साथ समय बिताने के अवसर सीमित हुए हैं।

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विराट कोहली के खेल में बदलाव की जरूरत नहीं

विराट कोहली के भविष्य को लेकर रोहित ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि विराट को अपने खेल में किसी बड़े बदलाव की जरूरत है। उनके मुताबिक, विराट आगे भी उसी तरह तैयारी करेंगे, रन बनाने की कोशिश करेंगे और भारतीय टीम को मुकाबले जिताने में अपना योगदान देते रहेंगे।

रोहित और विराट की यह साझेदारी भारतीय क्रिकेट के उस दौर का हिस्सा रही है, जिसमें दोनों ने अलग-अलग भूमिकाओं में टीम को प्रतिनिधित्व किया। मैदान पर दोनों की बल्लेबाजी शैली अलग रही, लेकिन टीम के लिए प्रदर्शन करने की प्राथमिकता समान रही है।

दोनों के बीच लंबे समय से चली आ रही यह दोस्ती और पेशेवर समझ भारतीय क्रिकेट में उनकी साझा यात्रा को भी दर्शाती है। रोहित की हालिया बातचीत से यह बात सामने आती है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लंबे सफर के बावजूद दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-दूसरे के खेल को लेकर सम्मान और संवाद बना हुआ है।

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