IND vs WI: आखिरी 12 गेंदों में बिखरी टीम इंडिया, 24 रन से जीता वेस्टइंडीज; सीरीज हुई बराबर

IND vs WI: संजू सैमसन की फिफ्टी और तिलक-नितीश की साझेदारी भी नहीं दिला सकी जीत, 18वें ओवर में धीमे रन और 19वें ओवर में तीन विकेट गिरने से पलटा मुकाबला

IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथे टी20 मुकाबले में आखिरी ओवरों का खेल भारतीय टीम पर भारी पड़ गया। 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया एक समय मुकाबले में वापसी करती दिखाई दे रही थी, लेकिन अंतिम चरण में विकेटों की झड़ी ने जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वेस्टइंडीज ने यह मैच 24 रन से अपने नाम कर पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी।

भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी शुरुआत की थी। संजू सैमसन ने अर्धशतक लगाया, जबकि तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने संकट के समय साझेदारी कर टीम को संभाला। इसके बावजूद 18वें और 19वें ओवर में बने दबाव के कारण भारत मुकाबला जीतने में नाकाम रहा।

संजू सैमसन की तेज पारी से भारत को मिली उम्मीद

विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरे संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़कर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। अभिषेक ने 24 गेंदों पर 29 रन बनाए, जबकि संजू ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर आक्रमण जारी रखा।

संजू ने महज 23 गेंदों में 56 रन ठोक दिए। उनकी पारी में छह चौके और चार छक्के शामिल रहे। इस शुरुआत से भारत के सामने लक्ष्य हासिल करने की संभावना बनी हुई थी।

हालांकि, शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद भारतीय मध्यक्रम ज्यादा देर तक टिक नहीं सका। ईशान किशन छह रन बनाकर आउट हुए, श्रेयस अय्यर ने 16 रन बनाए और नमन धीर खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए। इन विकेटों ने भारत की रन गति और मैच पर पकड़, दोनों को प्रभावित किया।

तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी ने फिर जगाई जीत की आस

लगातार विकेट गिरने के बाद तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 70 रन जोड़े और भारत को फिर मुकाबले में ला खड़ा किया।

तिलक ने 25 गेंदों में 43 रन बनाए। उनकी पारी में आक्रामक शॉट्स के साथ दबाव में रन बनाने की क्षमता भी नजर आई। लेकिन 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर रोमारियो शेफर्ड ने तिलक को आउट कर दिया।

तिलक के आउट होने के बाद नितीश रेड्डी क्रीज पर मौजूद थे और अक्षर पटेल बल्लेबाजी के लिए आए। उस समय भारत को 18 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी। समीकरण कठिन जरूर था, लेकिन मुकाबले में वापसी की गुंजाइश बनी हुई थी।

शमार स्प्रिंगर के ओवर ने बढ़ाई भारतीय टीम की मुश्किल

मैच का रुख बदलने में 18वें ओवर की अहम भूमिका रही। यह ओवर शमार स्प्रिंगर ने डाला। भारतीय बल्लेबाजों को इस समय तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, लेकिन ओवर में सिर्फ पांच रन आए।

इससे अंतिम दो ओवरों में भारत के सामने रन बनाने का दबाव और बढ़ गया। अब जीत के लिए 12 गेंदों पर 43 रन चाहिए थे। इतने कम समय में बड़े शॉट लगाना जरूरी था और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को अपनी रणनीति लागू करने का मौका मिल गया।

कीमो पॉल ने एक ही ओवर में गिराए तीन विकेट

19वें ओवर में कीमो पॉल गेंदबाजी करने आए। उनकी पहली गेंद वाइड रही। इसके बाद नितीश कुमार रेड्डी ने पहली वैध गेंद पर छक्का लगाकर उम्मीद बनाए रखी, लेकिन अगली गेंद पर उनका विकेट गिर गया।

रेड्डी ने 20 गेंदों में 41 रन बनाए और तिलक के साथ साझेदारी कर भारत को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की थी। उनके आउट होने के बाद प्रिंस यादव बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन पहली ही गेंद पर बोल्ड हो गए।

ओवर की आखिरी गेंद पर अक्षर पटेल भी तीन रन बनाकर कैच आउट हो गए। इस तरह एक ही ओवर में तीन विकेट गिरने से भारतीय पारी लड़खड़ा गई। आखिरी छह गेंदों में लक्ष्य हासिल करना बेहद मुश्किल हो गया और वेस्टइंडीज की जीत लगभग तय हो गई।

शाइ होप के शतक ने खड़ा किया था बड़ा स्कोर

मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने शाइ होप की शतकीय पारी की बदौलत 247 रन बनाए थे। उनके शानदार प्रदर्शन ने भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी।

भारत को जीत के लिए 248 रन बनाने थे। टीम ने शुरुआत में अच्छी बल्लेबाजी की और बीच में साझेदारी के जरिए वापसी भी की, लेकिन आखिरी ओवरों में जरूरी रन गति बनाए रखने में असफल रही।

अब पांचवें टी20 में होगा सीरीज का फैसला

चौथे मुकाबले में मिली हार के बाद भारत और वेस्टइंडीज की सीरीज 2-2 से बराबर हो गई है। अब पांचवां टी20 दोनों टीमों के लिए निर्णायक मुकाबला होगा।

यह मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। भारतीय टीम की कोशिश आखिरी मुकाबले में गलतियों को सुधारकर सीरीज अपने नाम करने की होगी।

चौथे टी20 में भारत की शुरुआत और मध्यक्रम की साझेदारी ने जीत की उम्मीदें कायम रखी थीं, लेकिन अंतिम ओवरों में कम रन और लगातार विकेट गिरने से मुकाबला हाथ से निकल गया। वेस्टइंडीज ने दबाव के क्षणों का फायदा उठाकर सीरीज को बराबरी पर ला दिया।

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