India Nepal Relations: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की संभावित भारत यात्रा को दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मार्च 2026 में प्रधानमंत्री पद संभालने के करीब आठ महीने बाद बालेन शाह नवंबर में भारत का दौरा कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनकी तीन दिवसीय यात्रा नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में प्रस्तावित है। यह उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। हालांकि, सितंबर में वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अमेरिका जा चुके हैं।
‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और नेपाल के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, सीमा से संबंधित विवाद और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। दोनों देशों के अधिकारी उन परियोजनाओं पर भी विचार कर रहे हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान शुरू किया जा सकता है या जिनका उद्घाटन किया जा सकता है। फिलहाल, यात्रा के कार्यक्रम और तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने पर रहेगा जोर
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से घनिष्ठ राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्रियों की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को प्राथमिकता देना पारंपरिक रूप से दोनों देशों के करीबी रिश्तों का संकेत माना जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में कुछ प्रधानमंत्रियों ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए अन्य देशों को चुना है।
वर्ष 2008 में नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने चीन की यात्रा को प्राथमिकता दी थी। वर्ष 2011 में झालानाथ खनाल संयुक्त राष्ट्र की बहुपक्षीय बैठक में भाग लेने के लिए तुर्किये गए थे। वहीं, 2021 में शेर बहादुर देउबा जलवायु परिवर्तन से संबंधित COP26 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्रिटेन पहुंचे थे।
दिसंबर 2024 में सत्ता में लौटने के बाद केपी शर्मा ओली ने भी अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन का चयन किया था। उनके इस फैसले को भारत-प्रथम की परंपरा से अलग कदम के रूप में देखा गया। ओली ने उस समय कहा था कि भारत ने उन्हें आधिकारिक यात्रा के लिए आमंत्रित नहीं किया था।
ऐसे में बालेन शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क और सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करेंगे मुलाकात
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत पहुंचने पर बालेन शाह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हो सकती है। इसके अतिरिक्त वह भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
दोनों देशों के अधिकारियों के बीच संभावित समझौतों और सहमति पत्रों यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) को लेकर चर्चा चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन परियोजनाओं की सूची भी साझा की गई है, जिन्हें इस यात्रा के दौरान शुरू करने या उद्घाटित करने पर विचार किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं के अलावा सीमा विवाद और आपदा के बाद पुनर्निर्माण जैसे विषय भी बातचीत के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इन मुद्दों पर किसी अंतिम सहमति या समझौते की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बाढ़ प्रभावित नेपाल के पुनर्निर्माण पर भी चर्चा की उम्मीद
बालेन शाह की प्रस्तावित यात्रा का समय भी महत्वपूर्ण है। नेपाल में अगस्त में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में पुनर्निर्माण और जरूरी सुविधाओं की बहाली की जरूरत बनी हुई है। बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल को राहत सामग्री भेजी थी और बचाव कार्यों के लिए विशेषज्ञों की सहायता भी उपलब्ध कराई थी।
ऐसे में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच आपदा प्रबंधन, प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सहयोग पर चर्चा हो सकती है।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा तथा भौगोलिक निकटता के कारण दोनों देशों के नागरिकों का आपसी संपर्क व्यापक है। इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास, आवागमन और सहयोग से जुड़े मुद्दे भी द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
रबी लामिछाने के दौरे के बाद बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
बालेन शाह की संभावित भारत यात्रा से पहले जून 2026 में नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने नई दिल्ली का दौरा किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा मुख्यालय में उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की।
नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार केशव प्रधान ने जून में ‘इंडिया टुडे’ से बातचीत के दौरान कहा था कि लामिछाने के स्वागत के पीछे नेपाली प्रधानमंत्री को राजनीतिक संदेश देने का उद्देश्य भी हो सकता है। यह टिप्पणी दोनों देशों के राजनीतिक संपर्कों के संदर्भ में सामने आई थी।
अब बालेन शाह की प्रस्तावित यात्रा को नेपाल और भारत के बीच संवाद बढ़ाने के एक और अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरे के दौरान होने वाली वार्ताओं से यह स्पष्ट हो सकता है कि दोनों देश किन क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता देना चाहते हैं।
नवंबर में तीन दिवसीय दौरे की संभावना
‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बालेन शाह नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आ सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक, भारतीय मंत्रियों से मुलाकात और विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित समझौतों पर चर्चा संभावित है।
हालांकि, काठमांडू और नई दिल्ली में से किसी भी पक्ष ने अभी तक यात्रा की तारीखों की औपचारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए दौरे के अंतिम कार्यक्रम और एजेंडे को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
नेपाल और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों के साथ-साथ व्यापार, कनेक्टिविटी, सीमा प्रबंधन और विकास परियोजनाओं में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। बालेन शाह की प्रस्तावित यात्रा इन विषयों पर बातचीत आगे बढ़ाने का अवसर बन सकती है।



