‘It’s done bro, मन की बात होठों पर आ ही गई’, प्रशांत भूषण पर देवेंद्र फडणवीस का तंज; बोले- सारा खेल सत्ता की कुर्सी का

प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसते हुए विपक्ष पर सत्ता हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण के ‘सत्ता परिवर्तन’ वाले बयान पर पलटवार किया है। फडणवीस ने Gen Z स्टाइल में सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा, “It’s done bro, everything is exposed!” इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के आंदोलन का असली मकसद सत्ता हासिल करना है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष तथा बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।

‘सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है’

देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रशांत भूषण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “It’s done bro, everything is exposed!! After all, it was all about ‘Regime Change’।” यानी उनके मुताबिक, अब यह बात सामने आ गई है कि पूरा मामला सत्ता परिवर्तन से जुड़ा है।

फडणवीस ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई! सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है।”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाने, जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाने तथा प्रतिष्ठित संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया।

हालांकि, ये फडणवीस के राजनीतिक आरोप हैं। विपक्ष की ओर से SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों को अलग संदर्भ में देखा जा रहा है।

प्रशांत भूषण ने सत्ता परिवर्तन को लेकर क्या कहा था?

विवाद की शुरुआत प्रशांत भूषण के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने सत्ता परिवर्तन की बात कही थी। उपलब्ध खबर के मुताबिक, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगा रही है, जबकि फिलहाल उनकी लड़ाई निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए है।

प्रशांत भूषण ने कहा कि अगर इसी तरह की कार्रवाई जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और इसमें कुछ गलत नहीं है।

उनका तर्क था कि लोकतंत्र में सरकार बदलना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है। प्रशांत भूषण के मुताबिक, यदि विरोध को दबाया गया तो आंदोलन में और लोगों के शामिल होने की संभावना है तथा युवा, नागरिक समाज संगठन और राजनीतिक दल इसमें भूमिका निभा सकते हैं।

SIR और ज्ञानेश कुमार को लेकर क्यों जारी है विवाद?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं। विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है।

दूसरी ओर, बीजेपी विपक्ष के आंदोलन और उसके नेताओं के बयानों पर सवाल उठाती रही है। फडणवीस की ताजा टिप्पणी को भी इसी राजनीतिक टकराव के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

प्रशांत भूषण के बयान के बाद बीजेपी नेताओं को विपक्ष के आंदोलन के उद्देश्य पर हमला करने का मौका मिला है। बीजेपी का आरोप है कि आंदोलन का लक्ष्य केवल चुनाव सुधार नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन है। वहीं, प्रशांत भूषण ने अपने बयान में निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात करते हुए सत्ता परिवर्तन को भी नागरिकों का अधिकार बताया है।

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‘Gen Z स्टाइल’ में फडणवीस का जवाब क्यों चर्चा में?

फडणवीस ने अपनी प्रतिक्रिया की शुरुआत अंग्रेजी के अनौपचारिक वाक्य “It’s done bro, everything is exposed” से की। सोशल मीडिया पर इस्तेमाल होने वाली इस शैली के जरिए उन्होंने प्रशांत भूषण के बयान पर तंज कसा।

उनकी पोस्ट का मुख्य संदेश यह था कि प्रशांत भूषण के बयान से विपक्ष के आंदोलन का कथित उद्देश्य सामने आ गया है। हालांकि, प्रशांत भूषण के बयान में सत्ता परिवर्तन की बात के साथ निष्पक्ष चुनाव की मांग का संदर्भ भी मौजूद है।

इस पूरे विवाद में दो अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं सामने आई हैं। बीजेपी इसे सत्ता हासिल करने की कोशिश बता रही है, जबकि प्रशांत भूषण ने सत्ता परिवर्तन को लोकतांत्रिक अधिकार के रूप में पेश किया है।

फिलहाल, SIR, चुनाव आयोग और सत्ता परिवर्तन को लेकर बयानबाजी तेज है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस में कितना आगे बढ़ता है, यह विपक्ष और सत्तापक्ष की अगली प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट होगा।

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