नई दिल्ली । कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ने एक बार फिर ज़िंदगी और दुनियाभर में कोहराम मचाना शुरू कर दिया है। साल 2019 में शुरू हुई इस महामारी के लगातार नए वैरिएंट आए हैं, जिनमें से अभी तक डेल्टा सबसे घातक साबित हुआ। अब ओमिक्रॉन के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं और इस स्ट्रेन से संक्रमण का ख़तरा पहले से कहीं ज़्यादा है। यह नया संस्करण न सिर्फ वयस्कों के लिए बल्कि बच्चों के लिए भी चिंता का सबब बन रहा है। इसकी वजह से माता-पिता की चिंता भी बढ़ गई है, खासकर उन बच्चों के लिए जो टीकाकरण के लिए बहुत छोटे हैं।अपने बच्चों को घर के अंदर रखना ही सबसे अच्छा है, और ख़ुद भी बाहर कम से कम निकलें, ताकि संक्रमण के ख़तरे से बचा जा सके। कोविड-19 का नया वैरिएंट छोटे बच्चों में अलग तरह के लक्षण पैदा कर सकता है। एक हालिया रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि ओमिक्रॉन संस्करण से बच्चों में क्रुप नामक एक कठोर, भौंकने वाली खांसी हो सकती है।डॉक्टरों के अनुसार, क्रूप खांसी आमतौर पर गंभीर नहीं होती और निदान करने में भी आसान है, लेकिन यह उन माता-पिता को आश्चर्यचकित कर सकता है जिन्होंने कभी इसका अनुभव नहीं किया है। यह कुत्ते या सील की तरह भौंकने वाली खांसी के रूप में प्रकट होता है। जो बच्चे ओमिक्रॉन से संक्रमित हो रहे हैं, जो श्वसन पथ में बस जाते हैं, उनमें क्रूप विकसित होने की संभावना अधिक देखी जा रही है। जब कोई बच्चा संक्रमित होता है और क्रूप विकसित करता है, तो उसे अक्सर एक गंभीर खांसी होती है, जो एक संक्रमित वायुमार्ग से सांस लेने के कारण होती है।
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