बच्‍चों को कक्षा एक से ही पढ़ाई जाएगी संस्कृत

प्रयागराज । अब स्‍कूली बच्‍चों को प्राथमिक स्‍तर से ही संस्‍कृत का ज्ञान देने तैयारी की जा रही है। यानी नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी संस्कृत पढ़ाने की तैयारी है। उन्हें प्राथमिक स्तर पर गिनती, आसपास की वस्तुओं के नाम आदि संस्कृत में बताए जाएंगे, जिससे वह इस भाषा के साथ समझ विकसित कर सकें।इसके लिए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों को तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण इंस्टीट्यूट आफ एडवांस्ड स्टडी इन एजुकेशन में दिया जा रहा है। संस्थान की प्राचार्य/अपर शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप के निर्देशन में चल रहे शिविर में जिले भर के 100 शिक्षकों को शामिल किया गया है। संस्कृत भाषा शैक्षिक उन्नयन एवं गुणवत्ता संवर्धन प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में लाल बहादुर शास्त्री इंटर कालेज कौशांबी के प्रधानाचार्य डा. संतोष मिश्र ने संस्कृत के श्रवण, भाषण, पठन व लेखन के विकास के क्रम को समझाया। उसे प्रभावी तरीके से विद्यार्थियों तक किस तरह पहुंचाएं, इस पर भी चर्चा की गई। राज्य शिक्षा संस्थान के प्रवक्ता अमरनाथ पांडेय ने संस्कृत में वार्तालाप के तौर तरीके बताए। कहा कि विद्यार्थियों से उनके पास मौजूद वस्तुओं के बारे में संकेत के साथ संस्कृत में वार्ता करें। महत्वपूर्ण शब्दावलियों को उनके अर्थ के साथ साझा करने से छात्र छात्राओं की रुचि बढ़ेगी।द्वितीय सत्र में इलाहाबाद डिग्री कालेज के शिक्षक डा. राजेंद्र त्रिपाठी ने संस्कृत में गद्य, पद्य एवं गीतों की छंदों की प्रस्तुति कर अध्यापकों को अध्यापन के गुर सिखाए। यूइंग क्रिश्चियन कालेज के डा. अरुण मिश्र ने कारक एवं विभक्तियों का महत्व समझाते हुए प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम संचालन स्मिता जायसवाल व सालिग राम त्रिपाठी ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में अशोक नाथ तिवारी, रमेश तिवारी, दरख्शां आब्दी, अमिता सिंह, डा. मीनाक्षी पाल, रणजीत, उपेन्द्र नाथ सिंह, डा. रूपाली दिव्यम, डा. सरिता पांडेय, अंजना पांडेय ने सहयोग दिया।

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