लखनऊ । प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए नीतियों में संशोधन कर रही योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 का भी ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। प्रस्तावित नीति में खास तौर पर उद्योगों को जमीन की उपलब्धता पर ध्यान दिया गया है। निवेश इकाइयों को ग्राम समाज की बंजर या अनुमन्य भूमि 50 वर्ष तक के लिए सर्किल रेट की एक प्रतिशत दर पर दी जाएगी। भू उपयोग परिवर्तन सहित अन्य प्रबंधन को सरल बनाने के लिए सरकार राजस्व संहिता में भी संशोधन करने जा रही है।इसके साथ ही प्रस्तावित है कि औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के तहत जो भी ग्राम समाज की भूमि होगी, वह उन्हें मुफ्त में दे दी जाएगी। प्रस्तावित नीति के तहत बुंदेलखंड व पूर्वांचल में 20 एकड़ या उससे अधिक तथा मध्यांचल व पश्चिमांचल में 30 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्र में निजी औद्योगिक पार्कों को विकसित करने वालों को क्रमशः 45 व 40 करोड़ रुपये की सीमा के अधीन भूमि लागत को छोड़कर पूंजी निवेश पर 25 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी बतौर प्रोत्साहन प्रदान की जाएगी।विकासकर्ता को जमीन खरीदने पर 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी में छूट होगी। इसी तरह कहीं भी 100 एकड़ पर पार्कों को विकसित करने वालों को भी 80 करोड़ रुपये तक सब्सिडी प्रस्तावित की गई है। प्रस्तावित नीति पर औद्योगिक विकास विभाग ने विभिन्न औद्योगिक संगठनों से चार अक्टूबर तक सुझाव मांगे हैं।
Related Articles

September 2, 2026
1
Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी बैठक आज, नए CEO के नाम पर लग सकती है मुहर; इन अहम फैसलों पर भी नजर

September 1, 2026
2

