धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की रिहाई और 1 करोड़ मुआवजे की मांग; जंतर-मंतर से CJP का केंद्र पर दबाव

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच सोमवार को आंदोलन ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।

CJP की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और परीक्षा संबंधी दबाव व कथित अनियमितताओं से जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।

जंतर-मंतर से संसद तक प्रदर्शन

सोमवार को CJP ने “संसद चलो” मार्च का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।

जेपी नड्डा से हुई लंबी बातचीत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। बैठक के बाद संगठन ने दावा किया कि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है और आगे बातचीत जारी रखने की बात कही है।

ये हैं CJP की तीन प्रमुख मांगें

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए।
  • सोनम वांगचुक की रिहाई और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए।
  • परीक्षा से जुड़े तनाव और कथित अनियमितताओं के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया?

अब तक केंद्र सरकार की ओर से इन मांगों को स्वीकार करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, CJP नेताओं का कहना है कि सरकार के साथ संवाद शुरू होना आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उधर, प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Related Articles