Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सोमवार को देशभर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही जगह-जगह पूजा-पाठ, आरती और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए। महाराष्ट्र से लेकर राजस्थान, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश तक मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई। सुबह से ही ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से कई शहरों के प्रमुख धार्मिक स्थल गूंजते रहे।
गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजन के साथ करने से कार्य में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। यही वजह है कि इस पर्व को देश के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
मुंबई में लालबागचा राजा और सिद्धिविनायक मंदिर में भारी भीड़
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की खास रौनक देखने को मिली। मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही यहां भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं। लोग भगवान गणेश के दर्शन कर सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते नजर आए।
मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया गया। तड़के से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। मंदिर परिसर में भक्ति और धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक गणेश पंडाल भी सजाए गए हैं। अलग-अलग इलाकों में भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जहां श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
नागपुर के टेकडी गणपति मंदिर में विशेष पूजा
नागपुर के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर टेकडी में भी गणेश चतुर्थी पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। सुबह मंगल आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भगवान गणेश के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ देखी गई और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
टेकडी गणपति मंदिर नागपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और गणेशोत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
बेंगलुरु और जयपुर में भी दिखा उत्साह
गणेश चतुर्थी का उत्साह केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहा। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। बसवनगुडी स्थित श्री डोड्डा गणपति मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। गणेश चतुर्थी के मौके पर मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया।
देश के अलग-अलग राज्यों में घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। कई जगह सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। गणेशोत्सव के दौरान बाजारों और प्रमुख इलाकों में भी विशेष सजावट देखने को मिल रही है।
PM मोदी ने देशवासियों को दी गणेश चतुर्थी की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान गणेश से देशवासियों के जीवन से बाधाएं दूर होने और सभी के प्रयास सफल होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा का यह पवित्र पर्व लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आए। उन्होंने कामना की कि भगवान गणेश के आशीर्वाद से सभी के प्रयास सफल हों और देश निरंतर प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ता रहे।
पीएम मोदी ने अपने संदेश का समापन ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे के साथ किया। उनके संदेश के बाद सोशल मीडिया पर भी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाओं का सिलसिला देखने को मिला।
CM योगी ने भी दी शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने भगवान गणेश को विघ्न निवारक और शुभता का अग्रदूत बताते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि गणपति बप्पा की कृपा से हर बाधा दूर हो और लोगों के सभी संकल्प पूरे हों। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
गणेश चतुर्थी के साथ देशभर में अगले कई दिनों तक गणपति उत्सव की रौनक देखने को मिलेगी। घरों से लेकर बड़े-बड़े पंडालों तक भगवान गणेश की आराधना होगी। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ अपने आराध्य से सुख, शांति, समृद्धि और देश की खुशहाली की प्रार्थना करेंगे।



