UP Politics: उत्तर प्रदेश में आरक्षण के मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आरक्षण को लेकर दिए बयान पर कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर चुप रहते हैं और वोट हासिल करने के लिए लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरक्षण का मुद्दा चर्चा के केंद्र में है। अखिलेश यादव ने हाल ही में आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकार से जोड़कर सवाल उठाए थे। इसके बाद ओपी राजभर ने सपा प्रमुख पर हमला बोलते हुए उनके बयान को लेकर कई सवाल खड़े किए।
27% आरक्षण को लेकर अखिलेश पर बरसे राजभर
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पिछड़े वर्गों को मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण की बात आती है, तब उनकी जुबान नहीं खुलती। राजभर के मुताबिक, अखिलेश यादव को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सद्भाव और सामाजिक प्रगति जैसे वास्तविक मुद्दों पर बात करनी चाहिए।
राजभर ने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय अखिलेश यादव ऐसे विषय उठा रहे हैं, जिनसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाकर वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
‘फिजूल की बातें कर रहे हैं अखिलेश’
राजभर ने अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा जैसे विषयों पर बात करने की समझ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछड़े वर्गों के हित से जुड़े अहम मुद्दों पर सपा अध्यक्ष की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं। आरक्षण, पिछड़ा वर्ग और पीडीए जैसे मुद्दे यूपी की राजनीति में लगातार अहम भूमिका निभा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने आरक्षण पर क्या कहा था?
इससे पहले अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरा था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल समय-समय पर ‘समीक्षा’ और ‘सुधार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर आरक्षण के मुद्दे पर भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं।
अखिलेश यादव ने ‘क्रीमीलेयर’ और आरक्षण छोड़ने की सलाह जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि आरक्षण सदियों से शोषित और वंचित लोगों का अधिकार है और इसे कमजोर करने की कोशिशों का विरोध किया जाना चाहिए।
यूपी में फिर गरमाया आरक्षण का मुद्दा
अखिलेश यादव और ओपी राजभर के बीच यह ताजा बयानबाजी उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरक्षण के मुद्दे की अहमियत को दिखाती है। एक ओर सपा आरक्षण और पीडीए के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला कर रही है, वहीं राजभर विपक्ष पर पिछड़े वर्गों के हितों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच आरक्षण और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक दलों के लिए अहम रणनीतिक विषय बने हुए हैं।



