Devendra Fadnavis Rahul Gandhi: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस नेता को घेरते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण की बात तो करते हैं, लेकिन जब महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कानून की बात आती है तो उनका रुख अलग नजर आता है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फडणवीस ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत करने की दिशा में महिला आरक्षण कानून एक बड़ा कदम है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने इस विधेयक का विरोध किया और इसके खिलाफ मतदान भी किया। फडणवीस ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर कांग्रेस नेता पर निशाना साधा और कहा कि केवल मंच से महिला सशक्तिकरण की बात करने से महिलाओं को वास्तविक अधिकार नहीं मिलते।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए हिंदी की चर्चित कहावत ‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और’ का भी इस्तेमाल किया। उनके बयान का आशय यह था कि राहुल गांधी के कथित बयानों और उनके राजनीतिक रुख में अंतर है। फडणवीस ने कहा कि महिलाओं को अधिकार देने की बात करने वालों को ऐसे कानूनों का समर्थन भी करना चाहिए, जो वास्तव में उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर फडणवीस का बयान ऐसे समय आया है जब संसद और राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर लगातार बहस होती रही है। महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। फडणवीस ने इसी व्यवस्था को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के पुणे में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। फडणवीस ने दावा किया कि यह कार्यक्रम छात्रों की वास्तविक भागीदारी का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसे राजनीतिक उद्देश्य से आयोजित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी को दोबारा राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश की गई।
फडणवीस ने कार्यक्रम में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य लोगों की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को कार्यक्रम में शामिल होने या उसे प्रमोट करने के लिए 30 हजार रुपये तक देने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को एक कार्यक्रम में आने के लिए कहा गया और इसके बदले भुगतान किए जाने की बात सामने आई।
फडणवीस ने इस संबंध में अपने दावे के समर्थन में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की तैयारी पहले से राजनीतिक तरीके से की गई थी। उनके मुताबिक, इस तरह के आयोजनों को छात्रों की स्वत:स्फूर्त भागीदारी के रूप में पेश करना सही नहीं है।
राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर है। महाराष्ट्र की राजनीति में फडणवीस और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर पहले से ही तीखी बयानबाजी देखने को मिलती रही है। ऐसे में महिला आरक्षण और राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री का यह हमला आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।



