Rajasthan Government School Construction: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के भवन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी और सामाजिक तौर पर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। स्कूल को लेकर CJP की ओर से दिए गए अल्टीमेटम के बीच राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए नए भवन का निर्माण शुरू कराने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश के मुताबिक 1 सितंबर से स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इसे संगठन की बड़ी जीत बताया है। हालांकि, उन्होंने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है। रांका का कहना है कि जब तक स्कूल विवाद के दौरान हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
दरअसल, रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि स्कूल का संचालन बेहद खराब परिस्थितियों में हो रहा था। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को आशुतोष रांका और CJP कार्यकर्ता स्कूल का जायजा लेने गांव पहुंचे थे। इसी दौरान वहां हंगामा हो गया।
बताया गया कि गांव में CJP कार्यकर्ताओं को स्कूल की ओर जाने से रोकने की कोशिश की गई। इसके बाद विवाद बढ़ गया और पथराव तथा मारपीट की घटना सामने आई। इस दौरान कुछ वाहनों के शीशे भी टूटे। घटना के बाद CJP की ओर से सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था।
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि स्कूल के मुद्दे पर उनके कार्यकर्ताओं के साथ हुई घटना के लिए राजनीतिक लोगों की भूमिका हो सकती है। उन्होंने सरकार से स्कूल निर्माण शुरू कराने के साथ-साथ हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी।
इसी बीच सरकार ने स्कूल भवन को लेकर फैसला लेते हुए 1 सितंबर से निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए। स्कूल निर्माण के लिए धनराशि की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है। स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के मुताबिक विधायक कोटे से 6 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 13 अगस्त को डीएमएफटी फंड से 12 लाख रुपये की मंजूरी मिली थी। इस तरह स्कूल के लिए कुल 18 लाख रुपये की राशि पहले से स्वीकृत है।
सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसे CJP की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि रामपुरा के स्कूल के नए भवन का निर्माण पहले भी शुरू किया जा सकता था और इसके लिए विवाद तथा हिंसा की जरूरत नहीं थी।
हालांकि, रांका ने साफ कर दिया कि स्कूल निर्माण की मांग पूरी होने के बावजूद उनका आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने CJP कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा की, उनकी गिरफ्तारी भी जरूरी है। जब तक इस मामले में कार्रवाई नहीं होती, संगठन पीछे नहीं हटेगा।
एनडीटीवी से बातचीत में रांका ने कहा कि उनकी मुख्य लड़ाई सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने को लेकर है। उन्होंने कहा कि रामपुरा स्कूल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन हिंसा के मामले में कार्रवाई भी होनी चाहिए। यदि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो प्रदर्शन किया जाएगा।
रांका ने सोशल मीडिया पर रामपुरा में हुए घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो भी साझा किया और पुलिस से हिंसा में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के करीब 48 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर CJP के किसी सदस्य के खिलाफ हिंसा में शामिल होने का कोई सबूत है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाए, लेकिन उस सबूत को सार्वजनिक भी किया जाना चाहिए। रांका ने कहा कि उनका संगठन राजस्थान में कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता रहेगा।
फिलहाल सरकार के स्कूल निर्माण के फैसले से रामपुरा-कंवरपुरा का मुख्य विवाद एक कदम आगे बढ़ा है, लेकिन हिंसा के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर CJP और सरकार के बीच तनाव बना हुआ है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि 1 सितंबर से स्कूल भवन का निर्माण तय समय पर शुरू होता है या नहीं और हिंसा के मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करती है।



