International News: गाजा में इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। इजरायल ने गाजा पट्टी के अलग-अलग इलाकों में हवाई हमले किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में करीब आठ फिलिस्तीनियों की मौत हुई है, जबकि मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं।
इन हमलों के बीच गाजा सीमा पर उड़ाई जा रही पतंगों को लेकर भी इजरायल की चिंता बढ़ गई है। इजरायल का दावा है कि सीमा के पास उड़ाई जा रही कुछ पतंगें सामान्य नहीं हो सकतीं और उनका इस्तेमाल निगरानी या हमले के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इजरायल की धरती पर गिरने वाली कुछ पतंगों की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने की बात भी सामने आई है।
पहले भी किए गए थे हमले
इससे पहले रविवार को इजरायल ने अज-जवायदा इलाके में एक गोदाम को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया था। हमले में गोदाम पूरी तरह तबाह हो गया। इसके अलावा सलाह अल-दीन स्ट्रीट के आसपास भी इजरायली हमले किए गए थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों में चार वर्षीय बच्चे मुहम्मद अब्देल सलाम ताहा की भी मौत हुई थी।
पतंगों को लेकर इजरायल की चिंता
गाजा सीमा से बच्चों द्वारा पतंग उड़ाए जाने के बाद इजरायल ने इसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की।
इजरायल के रक्षा मंत्री ने कथित तौर पर सेना को इन पतंगों को संभावित ड्रोन की तरह देखने और इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इजरायल की ओर से आशंका जताई गई है कि हमास इनका इस्तेमाल निगरानी या हमले की योजना के लिए कर सकता है।
जांच में नहीं मिला संदिग्ध सामान
गाजा से उड़कर इजरायल की सीमा में पहुंचने वाली कुछ पतंगों की जांच भी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान इन पतंगों में कोई विस्फोटक या अन्य संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। इसके बावजूद इजरायल का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
गाजा में लगातार जारी हमलों के बीच नागरिकों और खासकर बच्चों की मौत ने एक बार फिर क्षेत्र में मानवीय संकट को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं, इजरायल अपनी कार्रवाई को सुरक्षा चिंताओं से जोड़ रहा है।



