Rahul Gandhi BJP Tribal Hostel Controversy: ‘राहुल गांधी, हमें आपसे उम्मीद नहीं…’, आदिवासी हॉस्टल मुद्दे पर BJP का पलटवार

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था। अब बीजेपी ने कांग्रेस शासित राज्यों के आदिवासी हॉस्टलों पर सवाल उठाए हैं।

Rahul Gandhi BJP Tribal Hostel Controversy: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी ने राहुल गांधी से कहा है कि महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाने से पहले उन्हें कांग्रेस शासित तेलंगाना और कर्नाटक में आदिवासी कल्याण विभागों और छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। बीजेपी ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता महाराष्ट्र में उन संस्थानों से जुड़े नेताओं का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके खिलाफ छात्र शिकायतें कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर राज्य के आदिवासी छात्रों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की मांग की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आंदोलन कर रहे छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी शिकायतों का समाधान करने की अपील की। राहुल गांधी के मुताबिक, आदिवासी छात्र राज्य संचालित हॉस्टलों में उम्र सीमा और कथित अपमानजनक नियमों के विरोध में पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में छात्रों की ओर से उठाए गए मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि छात्राओं ने हॉस्टल में 30 साल की उम्र सीमा, असुरक्षित सुविधाओं और कुछ कथित अमानवीय नियमों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। राहुल गांधी ने कहा कि दूर-दराज के गांवों और कस्बों से आने वाली छात्राएं किसी तरह की खैरात नहीं मांग रही हैं, बल्कि अपने अधिकारों की मांग कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की।

इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र बीजेपी ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए सोशल मीडिया पर जवाब दिया। बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी को महाराष्ट्र में सवाल उठाने से पहले तेलंगाना और कर्नाटक के आदिवासी कल्याण विभागों और हॉस्टलों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा कि उसे राहुल गांधी से निष्पक्ष या अच्छी तरह से शोध की गई राय की उम्मीद नहीं है।

बीजेपी ने महाराष्ट्र में आदिवासी स्कूलों से जुड़े कुछ मामलों को भी राहुल गांधी के सामने रखा। पार्टी का दावा है कि जिन कुछ आदिवासी स्कूलों के खिलाफ छात्र विरोध कर रहे हैं, उनका संचालन कांग्रेस से जुड़े नेताओं द्वारा किया जाता है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इन नेताओं को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सत्ताधारी पार्टी ने एक स्कूल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कुछ समय पहले एक स्कूल में तीन युवा लड़कियों की मौत हुई थी। बीजेपी के मुताबिक, इस स्कूल के निदेशक पूर्व कांग्रेस सांसद मारोतराव कोवासे हैं, जबकि उनके बेटे विश्वजीत कोवासे गढ़चिरौली जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और स्कूल के सचिव हैं। बीजेपी ने यवतमाल के एक आश्रम स्कूल का भी उल्लेख किया और दावा किया कि निरीक्षण के दौरान वहां छात्राओं के बाथरूम में दरवाजे नहीं थे। पार्टी ने इस स्कूल को कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री वसंत पुरके से जोड़ा।

Rahul Gandhi News: आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल पर राहुल गांधी का फडणवीस को पत्र, हॉस्टल के नियमों पर उठाए गंभीर सवाल

बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान आदिवासी स्कूलों पर गलत तरीके से कब्जा किया गया और उनका इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए किया गया। बीजेपी ने कहा कि आदिवासी समुदाय के हितों और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह का राजनीतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी ने यह भी कहा कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है, उनके खिलाफ कार्रवाई को रोकने की कोशिश सफल नहीं होगी।

वहीं, राहुल गांधी का कहना है कि आदिवासी छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनके पत्र का मुख्य मुद्दा हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुविधाओं, नियमों और सुरक्षा से जुड़ा है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वह आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान करें।

इस पूरे विवाद ने महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के हॉस्टल और आश्रम स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। एक तरफ कांग्रेस आदिवासी छात्रों की शिकायतों और सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांग रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी कांग्रेस पर ही आदिवासी संस्थानों की व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है।

अब देखना होगा कि महाराष्ट्र सरकार आदिवासी छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और कांग्रेस बीजेपी के इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है। फिलहाल राहुल गांधी के पत्र के बाद शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद महाराष्ट्र से निकलकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच व्यापक आदिवासी कल्याण और छात्र सुविधाओं की बहस का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

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