2027 Punjab Assembly Election: मायावती ने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में BSP अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है, उसी तरह पंजाब में भी पार्टी अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के दम पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और चुनाव के लिए अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मायावती के मुताबिक, पंजाब में पार्टी कर्मठ और ईमानदार कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने पर जोर देगी। उनका दावा है कि अगर BSP चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो प्रदेश की जनता को गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता से मुक्ति की दिशा में नई उम्मीद मिल सकती है।
AAP, कांग्रेस और BJP पर साधा निशाना
BSP प्रमुख ने पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस और बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के रवैये से परेशान जनता के सामने BSP एक विकल्प के रूप में मजबूती से खड़ी होगी।
मायावती ने पार्टी संगठन को मजबूत करने और पिछली बैठकों में सामने आई कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश भी दिए हैं। पंजाब इकाई को आगामी कार्यक्रमों की तैयारियां तेज करने को कहा गया है।
कांशीराम को समर्पित किया फैसला
मायावती ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने के फैसले को संत गुरु रविदास, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और BSP संस्थापक कांशीराम के विचारों के प्रति श्रद्धांजलि बताया। साथ ही पार्टी संगठन को आगामी कार्यक्रमों के जरिए अंबेडकरवादी आंदोलन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
मायावती के इस ऐलान के बाद पंजाब की चुनावी राजनीति में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। अब BSP अकेले मैदान में उतरकर कितना प्रभाव छोड़ पाती है, यह 2027 के विधानसभा चुनाव में साफ होगा।



