Rudra Pratap Dehair: छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकला 140 KMPH का तूफान, रुद्रप्रताप देहारी का मुंबई इंडियंस-रिलायंस में चयन

दंतेवाड़ा के कटेकल्याण से निकले रुद्रप्रताप देहारी ने अपनी तेज गेंदबाजी से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। अब वह दक्षिण अफ्रीका में अपनी रफ्तार का दम दिखाएंगे।

Rudra Pratap Dehair: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण के जंगलों से निकलकर एक युवा तेज गेंदबाज अब अपनी रफ्तार से क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले रुद्रप्रताप देहारी का चयन मुंबई इंडियंस-रिलायंस टीम में हुआ है। अब वह दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर अपनी तेज गेंदबाजी का दम दिखाते नजर आएंगे। रुद्रप्रताप के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बेहद सीमित संसाधनों से शुरुआत करते हुए लगातार मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।

रुद्रप्रताप देहारी का क्रिकेट सफर आसान नहीं रहा। करीब चार साल पहले बेहतर क्रिकेटिंग अवसरों की तलाश में उन्होंने कटेकल्याण से जगदलपुर का रुख किया। यहां उन्हें स्थानीय क्रिकेटर प्रदीप गुहा की अकादमी में प्रशिक्षण लेने का मौका मिला। इसी अकादमी ने उनकी तेज गेंदबाजी को नई दिशा दी। यहां उन्होंने पहली बार ड्यूक बॉल से अभ्यास करना शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी तकनीक तथा गति पर काम किया।

जब रुद्रप्रताप अकादमी पहुंचे थे, तब भी उनकी गेंदबाजी में अच्छी खासी तेजी थी। उनकी वास्तविक गति जानने के लिए कोच प्रदीप गुहा ने स्पीड मशीन तक खरीदी। शुरुआती दौर में रुद्रप्रताप करीब 120 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे। लगातार अभ्यास, फिटनेस और मेहनत के बाद उनकी गति में लगातार इजाफा हुआ और अब वह करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने में सक्षम हैं।

तेज गति के साथ रुद्रप्रताप ने उम्र-समूह क्रिकेट में भी अपना प्रभाव छोड़ा है। उन्होंने अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी, वीनू मांकड़ ट्रॉफी और अंडर-23 सीके नायडू ट्रॉफी में अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया। खासकर पिछले दो वर्षों में कूच बिहार ट्रॉफी और सीके नायडू ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

रुद्रप्रताप की प्रतिभा को हाल ही में छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग में भी देखने को मिला। टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों के सामने मुश्किलें खड़ी कीं। प्रभावी प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतियोगिता का बेस्ट बॉलर भी चुना गया। इसके बाद उनके करियर को एक और बड़ा मौका मिला।

मुंबई इंडियंस-रिलायंस टीम में चयन रुद्रप्रताप के लिए बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। वह दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर टीम का हिस्सा होंगे, जहां तेज और उछाल वाली पिचों पर उन्हें अपनी गेंदबाजी को परखने का मौका मिलेगा। दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार अवसर भी देती हैं।

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चयन के समय रुद्रप्रताप कर्नाटक में छत्तीसगढ़ रणजी टीम के साथ अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुंबई इंडियंस-रिलायंस टीम में चयन की खबर मिली। चार साल पहले बेहतर मौके की तलाश में जगदलपुर पहुंचे इस युवा गेंदबाज के लिए यह उपलब्धि उसके संघर्ष का नतीजा है।

रुद्रप्रताप की कहानी उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो छोटे शहरों और सीमित सुविधाओं के बीच क्रिकेट में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। 120-125 किलोमीटर प्रति घंटे की शुरुआती रफ्तार से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का उनका सफर बताता है कि सही मार्गदर्शन और लगातार मेहनत से प्रतिभा को बड़े मंच तक पहुंचाया जा सकता है।

अब निगाहें दक्षिण अफ्रीका में रुद्रप्रताप के प्रदर्शन पर होंगी। अगर वह वहां अपनी रफ्तार और गेंदबाजी से प्रभावित करने में सफल रहते हैं तो आने वाले समय में उनके लिए भारतीय घरेलू क्रिकेट और बड़े क्रिकेट मंचों के दरवाजे और खुल सकते हैं। फिलहाल दंतेवाड़ा के कटेकल्याण से निकला यह युवा तेज गेंदबाज मुंबई इंडियंस-रिलायंस टीम के साथ अपने अगले बड़े कदम के लिए तैयार है।

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