BRICS Summit 2026: BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। बैठक में अपनी बात शुरू करने के दौरान पीएम मोदी कुछ क्षण के लिए रुके और उन्होंने शी जिनपिंग की तरफ देखते हुए उनका हाल पूछा। मोदी ने चीनी राष्ट्रपति के साथ मौजूद अनुवादक से पूछा कि क्या वह ठीक हैं। इसके बाद उन्होंने दोबारा भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।
कुछ देर बाद शी जिनपिंग ने सिर हिलाकर प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपना संबोधन आगे बढ़ाया। इस छोटी-सी घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, शी जिनपिंग उस समय असहज क्यों नजर आ रहे थे, इसे लेकर भारत या चीन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
डिनर में शामिल नहीं हुए शी जिनपिंग
शी जिनपिंग की स्थिति को लेकर चर्चा इसलिए भी बढ़ी क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारत मंडपम में आयोजित BRICS नेताओं के विशेष रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए। डिनर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई विदेशी नेता और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
शी जिनपिंग की अनुपस्थिति के बाद उनकी सेहत को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, उनकी तबीयत खराब होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, शी जिनपिंग लंबे कार्यक्रमों के बाद आराम करने के लिए होटल लौटे थे। वह BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी कर चुके थे।
सुबह चीन से दिल्ली पहुंचे थे शी
शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार सुबह चीन से रवाना हुए और दोपहर के आसपास दिल्ली पहुंचे। इसके बाद सम्मेलन का कार्यक्रम शुरू हुआ। व्यस्त कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की।
ऐसे में डिनर से उनकी गैरमौजूदगी को लेकर थकान या आराम की जरूरत को एक संभावित वजह बताया जा रहा है। हालांकि, जब तक चीन की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक उनकी तबीयत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
भारत मंडपम में मोदी ने किया गर्मजोशी से स्वागत
BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में शी जिनपिंग का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने मुलाकात के दौरान हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की।
इस दौरान दोनों नेताओं के पीछे तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर के प्रसिद्ध 1,212 खंभों वाले गलियारे की तस्वीर दिखाई दे रही थी। पीएम मोदी को शी जिनपिंग को इस ऐतिहासिक गलियारे की विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए भी देखा गया।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन के संबंधों में पिछले कुछ समय में सुधार के संकेत देखने को मिले हैं।
2019 के बाद रिश्तों में आया बदलाव
भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की पिछली महत्वपूर्ण मुलाकात अक्टूबर 2019 में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव आए। सीमा विवाद के कारण द्विपक्षीय संबंधों में तनाव भी देखने को मिला।
हाल के वर्षों में दोनों देशों ने रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। सीधी उड़ानों की बहाली और कुछ आर्थिक क्षेत्रों में नियमों में बदलाव को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना गया है।
BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी और शी की मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। ऐसे में प्रधानमंत्री का भाषण रोककर चीनी राष्ट्रपति का हाल पूछना भले ही एक छोटा घटनाक्रम हो, लेकिन इसने सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की बातचीत और भारत-चीन संबंधों को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है।



