Bihar Politics: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद पार्टी के अंदर से ही असंतोष की आवाजें उठने लगी हैं। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
रोहिणी आचार्य ने बिना किसी नेता का नाम लिए कहा कि वर्षों तक संगठन के लिए काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी करना उचित नहीं है। उन्होंने लिखा कि चुनाव के ठीक पहले पार्टी में शामिल हुए लोगों को प्राथमिकता देना पुराने और निष्ठावान नेताओं के साथ न्याय नहीं है।
संगठन के प्रति समर्पण का किया जिक्र
रोहिणी ने अपने पोस्ट में कहा कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दशकों तक संघर्ष कर पार्टी को मजबूत बनाया है। ऐसे लोगों की उपेक्षा संगठन के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने इसे पार्टी की विचारधारा और मूल मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताया।
छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित
RJD ने विधान परिषद चुनाव की आठ सीटों में से छह पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पटना शिक्षक, पटना स्नातक, कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक, सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है। दो सीटों पर अभी फैसला होना बाकी है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
रोहिणी आचार्य के बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर उभर रही नाराजगी के रूप में देख रहे हैं। हालांकि RJD की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



