India US Relations: अमेरिकी प्रतिबंध बिल में भारत की एंट्री! रूस से कारोबार पर 100% शुल्क का प्रस्ताव चर्चा में

India US Relations: रूस के ऊर्जा कारोबार को लेकर अमेरिका में नई बहस छिड़ गई है। सांसदों ने भारत और चीन सहित कई देशों को कानून में स्पष्ट रूप से शामिल करने का प्रस्ताव रखा है।

India US Relations: अमेरिका में रूस के खिलाफ लाए गए प्रतिबंध विधेयक को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। प्रतिनिधि सभा में पेश एक संशोधन में भारत समेत 10 देशों को स्पष्ट रूप से कानून में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।

यह संशोधन उस प्रावधान से जुड़ा है जिसमें रूस के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की संभावना जताई गई है। अमेरिकी सांसदों का कहना है कि रूस के ऊर्जा कारोबार से होने वाली कमाई यूक्रेन युद्ध को आर्थिक समर्थन देती है।

किन देशों का किया गया उल्लेख?

संशोधन में भारत, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्किये, सिंगापुर, कजाकिस्तान, किर्गिज रिपब्लिक, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया के नाम शामिल किए गए हैं।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो इन देशों को रूस से जुड़े व्यापारिक संबंधों के आधार पर अतिरिक्त शुल्क के दायरे में लाया जा सकता है।

अभी कानून नहीं बना प्रस्ताव

फिलहाल यह केवल एक संशोधन प्रस्ताव है। इसे प्रतिनिधि सभा से मंजूरी मिलना बाकी है। इसके बाद ही विधेयक राष्ट्रपति के पास जाएगा।

विरोध की आवाज भी उठी

कुछ अमेरिकी सांसदों ने इस प्रावधान का विरोध भी किया है। उनका मानना है कि राष्ट्रपति को इतने व्यापक स्तर पर टैरिफ लगाने का अधिकार देना उचित नहीं होगा। इसी वजह से संबंधित धारा को हटाने की मांग भी की गई है।

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