UCC News: एक देश, एक कानून पर बहस तेज, जानिए UCC को लेकर किस पार्टी का क्या रुख

UCC News: गृह मंत्री के बयान के बाद सहयोगी दलों के रुख पर नजर, कहीं समर्थन तो कहीं सहमति बनाने की मांग

UCC News: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद हलचल बढ़ी है, जिसमें उन्होंने NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही थी।

हालांकि इस मुद्दे पर गठबंधन के सभी सहयोगी दल एक जैसी राय रखते नजर नहीं आ रहे हैं।

कई दलों ने किया खुला समर्थन

NDA के कुछ सहयोगी दलों ने UCC को देश में समान कानून व्यवस्था की दिशा में अहम कदम बताया है। शिवसेना और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि इससे सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार हो सकता है।

आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने भी सकारात्मक रुख दिखाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विषय पर चर्चा और संवाद के बाद आगे बढ़ा जा सकता है।

बिहार में अलग नजर आया जेडीयू का रुख

दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) ने इस मुद्दे पर संयमित प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि UCC जैसे विषय पर व्यापक सामाजिक और राजनीतिक सहमति जरूरी है।

JD(U) का मानना है कि किसी भी बड़े कानूनी बदलाव से पहले सभी समुदायों और हितधारकों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए।

अंतिम फैसला आने से पहले इंतजार

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी फिलहाल कोई स्पष्ट समर्थन या विरोध नहीं जताया है। पार्टी का कहना है कि जब UCC का विस्तृत प्रारूप सामने आएगा, तब उसके प्रावधानों का अध्ययन कर आधिकारिक रुख तय किया जाएगा।

बंगाल में भी बढ़ सकती है राजनीतिक गतिविधि

पश्चिम बंगाल में भी UCC को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह मुद्दा लंबे समय से पार्टी के एजेंडे में शामिल रहा है और भविष्य में इस दिशा में पहल की जा सकती है।

हालांकि राज्य के अन्य राजनीतिक दल अभी इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जरूरत बता रहे हैं।

क्यों अहम है सहयोगियों की राय?

UCC को देश के सबसे महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक मुद्दों में गिना जाता है। ऐसे में NDA के सहयोगी दलों का समर्थन केंद्र सरकार के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लोकसभा और राज्यसभा में सहयोगी दलों की संख्या को देखते हुए सरकार इस विषय पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर सकती है।

आगे क्या?

फिलहाल UCC पर बहस का दौर जारी है। कुछ दल इसे आवश्यक सुधार मान रहे हैं, जबकि कुछ पार्टियां विस्तृत चर्चा और सर्वसम्मति की मांग कर रही हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर NDA के भीतर और बैठकों तथा विचार-विमर्श की संभावना जताई जा रही है।

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