Rajasthan Civic Elections: राजस्थान के नगर निकाय चुनावों ने इस बार कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। खासकर भरतपुर और डीग जिलों में आए नतीजों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर स्थानीय राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
415 में से 262 वार्डों पर निर्दलियों की जीत
भरतपुर और डीग के 13 शहरी निकायों में कुल 415 वार्डों के लिए चुनाव हुए थे। परिणामों में 262 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। यह कुल सीटों का लगभग 63 प्रतिशत है। वहीं भाजपा को 131 और कांग्रेस को सिर्फ 19 वार्डों में सफलता मिली।
मुख्यमंत्री के क्षेत्र में बदला चुनावी गणित
भरतपुर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह क्षेत्र माना जाता है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने यहां पूरी ताकत झोंकी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं ने स्थानीय चेहरों और निर्दलीय उम्मीदवारों पर भरोसा जताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टिकट वितरण से नाराज नेताओं और स्थानीय समीकरणों का असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दिया।
भरतपुर नगर निगम में भी निर्दलियों का दबदबा
65 सदस्यीय भरतपुर नगर निगम में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 36 वार्ड जीतकर सबसे बड़ा समूह बना लिया। भाजपा 20 सीटों पर सिमट गई, जबकि कांग्रेस को केवल 7 सीटें मिलीं। अन्य दलों का प्रदर्शन बेहद सीमित रहा।
राज्य के औसत से तीन गुना ज्यादा प्रदर्शन
पूरे राजस्थान में निर्दलीय उम्मीदवारों ने लगभग 22 प्रतिशत वार्डों पर जीत दर्ज की है। लेकिन भरतपुर और डीग में यह आंकड़ा 63 प्रतिशत से अधिक रहा। इससे साफ है कि इन जिलों में मतदाताओं ने पारंपरिक दलों से अलग रुख अपनाया।
अब बोर्ड गठन की तैयारी
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब सभी की नजर महापौर और अध्यक्ष पद के चुनाव पर है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दावा कर रही हैं कि अधिकांश निर्दलीय पार्षद उनके समर्थक हैं और वे उनके सहयोग से बोर्ड बनाने में सफल रहेंगी।
क्या संकेत देते हैं ये नतीजे?
इन परिणामों ने दिखाया है कि स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार की व्यक्तिगत पहचान और स्थानीय मुद्दे अक्सर पार्टी की लोकप्रियता पर भारी पड़ जाते हैं। भरतपुर और डीग के नतीजे इसी बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया यह तय करेगी कि इन निर्दलीय जीतों का राजनीतिक फायदा आखिर किस दल को मिलता है।



