Mobile Phones: देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों के बीच मोबाइल उद्योग ने सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग की है। उद्योग संगठनों का मानना है कि यदि मोबाइल फोन पर लगने वाला GST कम किया जाता है, तो आम उपभोक्ताओं के लिए स्मार्टफोन खरीदना आसान हो सकता है।
उद्योग ने क्यों उठाया मुद्दा?
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ समय में स्मार्टफोन निर्माण की लागत बढ़ी है। खासतौर पर मेमोरी चिप और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की कीमतों में वृद्धि का असर सीधे मोबाइल बाजार पर पड़ा है।
इसी वजह से एंट्री-लेवल और बजट स्मार्टफोन पहले की तुलना में अधिक महंगे हो गए हैं। उद्योग का तर्क है कि टैक्स का बोझ कम होने से कीमतों पर दबाव घट सकता है।
GST में कितनी कटौती की मांग?
उद्योग की ओर से स्मार्टफोन पर लागू 18 प्रतिशत GST को घटाकर 5 प्रतिशत करने का सुझाव दिया गया है। कंपनियों का कहना है कि इससे डिजिटल पहुंच बढ़ेगी और कम आय वर्ग के लोगों के लिए भी स्मार्टफोन खरीदना आसान होगा।
बजट सेगमेंट पर सबसे ज्यादा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर पड़ा है। ऐसे में यदि टैक्स में राहत मिलती है तो छोटे शहरों, ग्रामीण क्षेत्रों और पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को सीधा फायदा मिल सकता है।
क्या तुरंत कम हो जाएंगी कीमतें?
हालांकि मोबाइल की कीमत केवल GST से तय नहीं होती। इसके अलावा कच्चे माल की लागत, मैन्युफैक्चरिंग खर्च, सप्लाई चेन और बाजार की स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यही वजह है कि टैक्स में कटौती होने के बाद भी अंतिम कीमत में कितनी कमी आएगी, यह कंपनियों की मूल्य निर्धारण रणनीति पर निर्भर करेगा।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन यदि आगामी बैठकों में इस मांग पर सकारात्मक फैसला लिया जाता है, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन बाजार में कीमतों को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
ग्राहकों और उद्योग दोनों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर बनी हुई है।



