UP Congress: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के प्रदेश संगठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के पद को लेकर बदलाव की अटकलें सामने आई हैं। हालांकि, अभी तक कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष को बदलने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और अजय राय के बीच कामकाज तथा संगठन को लेकर मतभेद की खबरें पिछले कुछ समय से राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष पद में संभावित बदलाव को लेकर दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के स्तर पर विचार-विमर्श की खबरें सामने आई हैं।
दिल्ली की बैठक से शुरू हुई नई चर्चा
पार्टी से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, करीब दस दिन पहले दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश कांग्रेस की स्थिति को लेकर बैठक हुई थी। इसमें अजय राय, राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बताया गया कि बैठक में प्रदेश अध्यक्ष बदलने के विकल्प पर भी विचार हुआ। कुछ नेताओं ने बदलाव का समर्थन किया, जबकि कुछ ने मौजूदा नेतृत्व को बनाए रखने की बात रखी। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व की ओर से तत्काल निर्णय लेने के बजाय चुनावी तैयारियों पर संगठन का ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई।
आराधना मिश्रा के नाम की भी चर्चा
प्रदेश कांग्रेस में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम भी सामने आया। हालांकि, उनके नाम पर अंतिम निर्णय होने की पुष्टि पार्टी की ओर से नहीं की गई है।
इसी बीच पार्टी के प्रदेश संगठन को लेकर अलग-अलग नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय भी सामने आने की खबर है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों ने केंद्रीय नेतृत्व के सामने संगठन के कामकाज और प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों से संबंधित अपनी बातें रखी हैं।
अजय राय और गौतम के बीच मतभेद की चर्चा
राजेंद्र पाल गौतम को जून 2026 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद से ही प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और प्रभारी के कामकाज के तौर-तरीकों को लेकर मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं।
हालांकि, दोनों नेता हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक साथ भी नजर आए हैं। सितंबर में लखनऊ में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन में अजय राय, राजेंद्र पाल गौतम और आराधना मिश्रा एक साथ मौजूद थे।
संगठन विस्तार पर भी कांग्रेस का जोर
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की दिशा में भी कदम उठा रही है। सितंबर में पार्टी ने कुंवर सिंह निषाद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया एवं प्रचार विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इससे पहले राजेंद्र पाल गौतम को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके अलावा जिलाध्यक्षों और प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर भी पार्टी की ओर से तैयारियां जारी रहने की बात कही गई है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही चर्चाओं को संगठनात्मक बदलाव की व्यापक प्रक्रिया से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सपा के साथ गठबंधन भी अहम मुद्दा
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन भी है। दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे और चुनावी तालमेल को लेकर चर्चा जारी है। राजेंद्र पाल गौतम ने हाल में कहा था कि गठबंधन में हिस्सेदारी और सम्मान बराबर होना चाहिए तथा सीट बंटवारे पर जल्द निर्णय होना चाहिए।
इस परिस्थिति में प्रदेश संगठन की भूमिका और नेतृत्व का चुनावी रणनीति से तालमेल भी कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
फिलहाल केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर नजर
प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में फैसला कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करेगा और यह उनके अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। इससे फिलहाल इतना संकेत मिलता है कि अजय राय को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी के शीर्ष स्तर पर ही होना है।
इसलिए अभी अजय राय के स्थान पर किसी दूसरे नेता की नियुक्ति को अंतिम फैसला मानना जल्दबाजी होगी। आने वाले दिनों में कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों और केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।



