Flydubai Captain Smit: नमाज के बहाने उठा को-पायलट, फिर कुल्हाड़ी से किया हमला… कॉकपिट में क्या-क्या हुआ, कैप्टन स्मित ने नेतन्याहू को बताया

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमले के बाद कॉकपिट में क्या हुआ, उन्होंने इजरायली पीएम नेतन्याहू से बातचीत में पूरी घटना बताई।

Flydubai Captain Smit: 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में आसमान के बीच जो कुछ हुआ, उसने विमान में सवार लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया था। दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 मैक्स 8 विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

इस घटना के बाद कैप्टन स्मित ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से वीडियो कॉल पर बातचीत की। करीब छह मिनट की इस बातचीत में उन्होंने कॉकपिट के अंदर हुई पूरी घटना के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस तरह एक सामान्य उड़ान अचानक जानलेवा संघर्ष में बदल गई और कैसे घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को संभालने की कोशिश की।

नमाज के लिए सीट से उठा को-पायलट

कैप्टन स्मित के मुताबिक विमान सामान्य तरीके से उड़ान भर रहा था। इसी दौरान उनके साथ कॉकपिट में मौजूद ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी अपनी सीट से उठा और उसने कहा कि वह नमाज पढ़ना चाहता है।

कैप्टन को उसके इस अनुरोध में कुछ भी असामान्य नहीं लगा। उन्होंने उसके धार्मिक विश्वास का सम्मान किया और जानबूझकर पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन कुछ ही मिनट बाद हालात पूरी तरह बदल गए।

कैप्टन स्मित ने बताया कि करीब चार-पांच मिनट बाद उनके सिर के पीछे अचानक जोरदार वार हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान को किसी तरह का झटका लगा है। लेकिन दूसरा वार होते ही उन्हें समझ आ गया कि यह कोई तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि उन पर हमला है।

कुल्हाड़ी से किया गया था हमला

बताया गया कि हमला विमान में आपात स्थिति के लिए रखी गई कुल्हाड़ी से किया गया था। अचानक हुए हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी आंखों के सामने धुंधलापन छाने लगा और विमान की स्थिति भी बिगड़ने लगी।

इस दौरान कैप्टन और को-पायलट के बीच कॉकपिट में हाथापाई शुरू हो गई। कैप्टन स्मित के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को बचाने के साथ-साथ विमान को नियंत्रण में रखना था। उन्हें पता था कि अगर कॉकपिट का नियंत्रण छूटा तो विमान में सवार सभी यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।

पहली बार दरवाजा खोला, लेकिन फिर बंद कर दिया गया

हमले के बाद कैप्टन स्मित किसी तरह कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे। बाहर मौजूद क्रू मेंबर्स भी स्थिति को समझ चुके थे और कॉकपिट में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।

कैप्टन ने अंदर लगे नॉब की मदद से दरवाजा खोल दिया। लेकिन इसके बाद को-पायलट ने दरवाजा फिर बंद कर दिया। गंभीर चोटों के कारण कैप्टन फर्श पर गिर पड़े। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

कैप्टन स्मित ने अपनी बची हुई ताकत जुटाई और दोबारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। दूसरी बार दरवाजा खुलने के बाद बाहर मौजूद क्रू मेंबर्स अंदर दाखिल हुए और हमलावर को काबू में करने में कामयाब रहे।

तेजी से नीचे जा रहा था विमान

हमले के दौरान विमान की स्थिति भी बेहद गंभीर हो गई थी। कैप्टन के घायल होने और कॉकपिट में संघर्ष के बीच विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा था। ऐसे समय में विमान को संभालना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था।

कैप्टन स्मित के अनुभव ने यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि उन्हें विमान उड़ाते हुए करीब 17 साल का अनुभव है। गंभीर चोट और विजन ब्लर होने के बावजूद वह विमान की स्थिति को महसूस कर पा रहे थे और उसे नियंत्रित करने की कोशिश करते रहे।

आखिरकार विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित रूप से इमरजेंसी लैंड कराया गया। इसके बाद घायल कैप्टन स्मित को इलाज के लिए यूएई ले जाया गया।

संकट की घड़ी में हनुमान चालीसा का लिया सहारा

कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान संकट के उस पल का भी जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि जब हालात बेहद मुश्किल हो गए थे, तब उन्होंने अपनी आस्था का सहारा लिया और मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ किया।

कैप्टन के मुताबिक उनके लंबे उड़ान अनुभव और उस समय खुद को शांत रखने की कोशिश ने उन्हें मुश्किल परिस्थिति में विमान संभालने की ताकत दी। उनकी इसी सूझबूझ और हिम्मत को अब दुनियाभर में सराहा जा रहा है।

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जांच में साजिश समेत कई पहलुओं की पड़ताल

फ्लाईदुबई विमान में हुई इस घटना की जांच जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कॉकपिट में हमला क्यों किया गया और इसके पीछे कोई पूर्व नियोजित साजिश थी या नहीं।

घटना को लेकर अलग-अलग स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जांच पूरी होने से पहले हमले की वजह या किसी कथित विचारधारा से जुड़े दावे को अंतिम निष्कर्ष मानना सही नहीं होगा।

इसी बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने उन्हें इजरायल, भारत और पूरी दुनिया का हीरो बताया। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले इजरायली स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमंत्रित करने की बात भी कही है।

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