India LPG Imports, UAE: भारत की LPG खरीद में UAE की छलांग, अमेरिका पिछड़ा; सितंबर में 13.9 लाख टन गैस का आयात

India LPG Imports, UAE: खाड़ी देशों से आपूर्ति बढ़ने के बीच UAE की हिस्सेदारी 39% पर पहुंची, अमेरिकी LPG की खेप एक महीने में 58% कम हुई

India LPG Imports, UAE:

भारत के रसोई गैस आयात के स्रोतों में सितंबर 2026 के दौरान बड़ा फेरबदल हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे बड़े LPG सप्लायर का स्थान हासिल कर लिया। समुद्री व्यापार के आंकड़ों पर नजर रखने वाली कंपनी Kpler के मुताबिक, सितंबर में UAE से भारत को 5.47 लाख टन LPG की आपूर्ति हुई। दूसरी ओर, अमेरिका से आने वाली गैस की मात्रा में पिछले महीने के मुकाबले भारी कमी दर्ज की गई।

यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कारोबार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच सामने आया है। पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों ने भारत के LPG आयात के समीकरण को प्रभावित किया है। इससे पहले छह महीने तक अमेरिका भारत को सबसे ज्यादा LPG उपलब्ध कराने वाला देश रहा था।

UAE की हिस्सेदारी 13% से बढ़कर 39% हुई

भारत ने अगस्त में UAE से लगभग 1.93 लाख टन LPG खरीदी थी। सितंबर में यह मात्रा बढ़कर 5.47 लाख टन हो गई। इस तरह एक महीने के भीतर UAE से होने वाली आपूर्ति में करीब 182 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

आयात में बढ़ोतरी का असर कुल LPG खरीद में UAE की हिस्सेदारी पर भी पड़ा। अगस्त में भारत की कुल LPG आपूर्ति में UAE का योगदान करीब 13 प्रतिशत था, जो सितंबर में बढ़कर 39 प्रतिशत हो गया।

इस तेजी ने UAE को भारत के लिए LPG का सबसे बड़ा विदेशी स्रोत बना दिया। घरेलू रसोई गैस और व्यावसायिक उपयोग में LPG की अहम भूमिका होने के कारण आपूर्तिकर्ता देशों के बीच होने वाले ऐसे बदलावों पर ऊर्जा बाजार की नजर रहती है।

अमेरिकी LPG की खेप करीब आधी से भी कम रह गई

सितंबर के दौरान अमेरिका से भारत आने वाली LPG की मात्रा में उल्लेखनीय गिरावट हुई। अगस्त में अमेरिका से करीब 7.64 लाख टन गैस आयात की गई थी। सितंबर में यह घटकर लगभग 3.23 लाख टन रह गई।

महीने-दर-महीने आधार पर अमेरिकी आपूर्ति में 58 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। भारत के कुल LPG आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी भी 53 प्रतिशत से गिरकर 23 प्रतिशत पर आ गई।

इस गिरावट के बाद अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा LPG सप्लायर रहा। पश्चिम एशिया में आपूर्ति संबंधी मुश्किलों के दौरान अमेरिका से आयात को अधिक महत्व मिला था, लेकिन सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि अब भारत की खरीद में दूसरे स्रोतों का योगदान बढ़ा है।

सप्लाई के स्रोत बदले, लेकिन कुल आयात घटा

भारत ने सितंबर 2026 में करीब 13.9 लाख टन LPG का आयात किया। यह मात्रा अगस्त के मुकाबले लगभग 4 प्रतिशत कम रही।

इसका अर्थ है कि UAE से अधिक गैस मिलने के बावजूद देश की कुल विदेशी खरीद में वृद्धि नहीं हुई। कुल आयात का आंकड़ा केवल किसी एक देश की आपूर्ति से तय नहीं होता, बल्कि इसमें सभी प्रमुख सप्लायरों से आने वाली गैस की मात्रा का योगदान होता है।

खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों से भी बढ़ी खरीद

सितंबर के दौरान भारत को कुवैत और कतर से भी पहले के मुकाबले अधिक LPG मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुवैत से आयात बढ़कर करीब 1.33 लाख टन हो गया। अगस्त की तुलना में इसमें 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कतर से भारत को लगभग 1.15 लाख टन LPG प्राप्त हुई। यहां से आने वाली गैस की मात्रा में महीने-दर-महीने करीब 76 प्रतिशत का उछाल आया।

अन्य देशों से भारत को मिली LPG की मात्रा इस प्रकार रही:

  • ईरान: लगभग 89,000 टन
  • ओमान: लगभग 23,000 टन
  • कांगो: लगभग 23,000 टन

इन आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में भारत की LPG खरीद में UAE के साथ-साथ कुछ अन्य देशों की भूमिका भी बढ़ी।

पश्चिम एशिया के हालात का ऊर्जा कारोबार पर असर

भारत की LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशी बाजारों से पूरा होता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तनाव, समुद्री मार्गों में बाधा और आपूर्ति की अनिश्चितता का असर देश की खरीद व्यवस्था पर पड़ सकता है।

पश्चिम एशिया में तनाव के कारण पहले खाड़ी क्षेत्र से होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। उस दौरान अमेरिका से भारत आने वाली LPG की भूमिका बढ़ी। अब सितंबर के आंकड़ों में UAE से आयात में तेज वृद्धि और अमेरिका से आपूर्ति में गिरावट देखने को मिली है।

हालांकि, केवल एक महीने के आंकड़ों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भारत की LPG खरीद का दीर्घकालीन रुझान पूरी तरह बदल गया है। इसके लिए आने वाले महीनों के आयात और आपूर्ति के आंकड़ों को भी देखना होगा।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए आयात के विकल्प अहम

भारत जैसे बड़े LPG उपभोक्ता के लिए अलग-अलग देशों से गैस खरीदने के विकल्प बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इससे किसी एक क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने पर दूसरे स्रोतों से जरूरत पूरी करने की गुंजाइश रहती है।

सितंबर 2026 के आंकड़ों में UAE का पहले स्थान पर पहुंचना और अमेरिका की हिस्सेदारी घटना भारत के LPG आयात में आए बदलाव को दर्शाता है। अब आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति की स्थिति कैसी रहती है और प्रमुख निर्यातक देश भारत को कितनी मात्रा में गैस उपलब्ध कराते हैं।

कुल मिलाकर, सितंबर में भारत ने LPG के लिए अपने प्रमुख आपूर्तिकर्ता के तौर पर UAE से अधिक गैस प्राप्त की, जबकि अमेरिका से आयात में तेज गिरावट आई। दूसरी ओर, कुल आयात में कमी यह दिखाती है कि अलग-अलग देशों से आने वाली आपूर्ति में बदलाव का असर पूरे बाजार पर पड़ता है।

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