Uttar Pradesh Politics: अयोध्या की सियासत में योगी-अखिलेश की चुनौती पर संतों की एंट्री, परमहंस आचार्य बोले- मुकाबला हो तो अंतर पता चले

Uttar Pradesh Politics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की तैयारी जताने के बाद बढ़ी चर्चा, महंत राजू दास ने अखिलेश यादव के बयान को बताया बचकाना

Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जुबानी मुकाबला चर्चा में आ गया है। अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव मैदान में उतरने की बात कही। इस घटनाक्रम पर अयोध्या के संतों ने प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।

तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने दोनों नेताओं के बीच संभावित मुकाबले की तुलना जुगनू और सूर्य के अंतर से की। वहीं, हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अखिलेश यादव के बयान को बच्चों जैसी हरकत बताया।

परमहंस आचार्य बोले- चुनाव में आमने-सामने आएं दोनों नेता

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा है कि यदि अखिलेश यादव चाहें तो वह भी अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।

परमहंस आचार्य ने कहा कि अखिलेश यादव को भी चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबला करना चाहिए। उनके अनुसार, दोनों नेताओं के आमने-सामने आने से उनकी राजनीतिक ताकत का अंतर स्पष्ट हो जाएगा।

अपनी बात रखते हुए उन्होंने योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच अंतर को ‘जुगनू और सूर्य’ के अंतर जैसा बताया। यह तुलना उन्होंने अपने राजनीतिक विचार के तौर पर पेश की।

महंत राजू दास ने अखिलेश के बयान पर उठाए सवाल

इस मुद्दे पर हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकार करने की बात कही है, इसलिए अखिलेश यादव को भी चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबला करना चाहिए।

राजू दास ने अखिलेश यादव की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए उसे ‘बच्चों जैसी बचकानी हरकत’ करार दिया। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने के बजाय चुनाव में आमने-सामने आकर मुकाबला करने से स्थिति स्पष्ट होगी।

धार्मिक नगरी में राजनीतिक चर्चा तेज

अयोध्या में राम मंदिर और धार्मिक महत्व से जुड़े मुद्दों के कारण प्रदेश की राजनीति में इस शहर की अहम भूमिका रही है। ऐसे में यहां से चुनाव लड़ने को लेकर मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख के बीच हुई बयानबाजी ने राजनीतिक चर्चा को और बढ़ा दिया है।

संतों की प्रतिक्रियाओं में भी दोनों नेताओं के संभावित मुकाबले का मुद्दा प्रमुख रहा। हालांकि, परमहंस आचार्य और महंत राजू दास के बयान उनकी अपनी राजनीतिक राय हैं। इनसे किसी चुनावी नतीजे का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

आधिकारिक चुनावी घोषणा पर रहेगी नजर

फिलहाल अयोध्या से चुनाव लड़ने का मुद्दा नेताओं के बयानों और प्रतिक्रियाओं के कारण चर्चा में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से चुनौती स्वीकार करने की बात कहे जाने के बाद संतों ने अखिलेश यादव को भी मुकाबले के लिए आगे आने की बात कही है।

अब इस मुद्दे पर दोनों नेताओं की आगे की प्रतिक्रिया और चुनाव लड़ने को लेकर किसी औपचारिक घोषणा पर नजर रहेगी।

Related Articles