UP Teacher Promotion 2026: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के लिए पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। करीब एक दशक बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत प्रदेश के लगभग 70 हजार शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिलने की संभावना बताई गई है। इस बीच शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET), सेवा अनुभव और वरिष्ठता सूची को लेकर नियमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बेसिक शिक्षा विभाग ने पदोन्नति प्रक्रिया को 7 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी जिलों में पात्र शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने और निर्धारित समय में मुख्य कार्यालय को भेजने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमोशन के लिए TET की जानकारी देना जरूरी
पदोन्नति के लिए तैयार होने वाली पात्रता सूची में शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने से संबंधित पूरा विवरण देना होगा। खबर में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी के निर्देशों का हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक, शिक्षकों की पात्रता की जांच के दौरान TET से संबंधित जानकारी भी देखी जाएगी।
जिन शिक्षकों के अभिलेखों में आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, उनकी पात्रता पर असर पड़ सकता है। इसलिए शिक्षकों को अपने प्रमाणपत्रों और सेवा संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर लेनी चाहिए। हालांकि, पदोन्नति में TET की अनिवार्यता और उसके लागू होने की शर्तों को अंतिम रूप से समझने के लिए संबंधित सरकारी आदेश देखना जरूरी है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए अलग पात्रता
पदोन्नति प्रक्रिया में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के TET को लेकर अलग-अलग शर्तें बताए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अनुसार, प्राथमिक स्तर का TET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों में पदोन्नति के लिए विचार किए जा सकेंगे। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर का TET पास करने वाले शिक्षकों की पात्रता उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पदों के लिए देखी जाएगी।
जिन शिक्षकों ने दोनों स्तरों की TET परीक्षा पास की है, वे संबंधित पदों के लिए अपनी योग्यता और लागू सेवा नियमों के आधार पर दावा कर सकेंगे।
इस व्यवस्था के तहत शिक्षकों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपने TET प्रमाणपत्र, शैक्षिक योग्यता और वर्तमान पद से जुड़े दस्तावेज सही रखें। केवल परीक्षा उत्तीर्ण होना ही पर्याप्त है या अन्य सेवा शर्तें भी लागू होंगी, इसकी पुष्टि विभागीय नियमों से की जानी चाहिए।
प्रधानाध्यापक पद के लिए अनुभव की शर्त
पदोन्नति के दौरान शिक्षकों के अनुभव को भी महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। उपलब्ध खबर के मुताबिक, जूनियर विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए कम से कम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव जरूरी होगा। वहीं, सीनियर विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद के लिए तीन वर्ष के कार्यानुभव की शर्त का उल्लेख किया गया है।
इन मानकों के आधार पर संबंधित शिक्षकों की पात्रता की जांच की जाएगी। वरिष्ठता सूची तैयार करते समय सेवा अवधि और अन्य निर्धारित शर्तों को ध्यान में रखा जा सकता है। शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पद के अनुसार लागू अनुभव संबंधी नियमों की आधिकारिक अधिसूचना से पुष्टि कर लें।
23 अक्टूबर तक भेजनी होगी वरिष्ठता सूची
पदोन्नति प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए जिलास्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। खबर के अनुसार, सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को पात्र शिक्षकों की वरिष्ठता सूची की जांच करके उसे निर्धारित समयसीमा में परिषद के मुख्य कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके लिए 23 अक्टूबर 2026 की तारीख तय किए जाने की जानकारी दी गई है। सूची भेजे जाने के बाद शिक्षकों की पात्रता और वरिष्ठता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
विभाग की ओर से पूरी पदोन्नति प्रक्रिया के लिए 7 नवंबर 2026 तक का लक्ष्य बताया गया है। इस समयसीमा को ध्यान में रखते हुए जिलों में सूची तैयार करने और अभिलेखों की जांच का काम महत्वपूर्ण हो गया है।
शिक्षकों को अभी क्या करना चाहिए?
पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को अपने दस्तावेजों की जांच समय रहते कर लेनी चाहिए। खास तौर पर इन बातों पर ध्यान देना उपयोगी होगा:
- TET उत्तीर्ण होने का प्रमाणपत्र और संबंधित विवरण उपलब्ध रखें।
- नियुक्ति तिथि और कुल सेवा अवधि से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करें।
- वरिष्ठता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण सही होने की पुष्टि करें।
- शैक्षिक योग्यता और अनुभव से जुड़े अभिलेख व्यवस्थित रखें।
- किसी भी त्रुटि की स्थिति में संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से संपर्क करें।
- पदोन्नति की अंतिम पात्रता और लागू नियमों की पुष्टि आधिकारिक आदेश से करें।
उत्तर प्रदेश में परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर TET, अनुभव और वरिष्ठता सूची पर जोर दिए जाने की जानकारी सामने आई है। करीब 70 हजार शिक्षकों की पदोन्नति का लक्ष्य बताया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, जिलों को 23 अक्टूबर तक वरिष्ठता सूची भेजनी है और प्रक्रिया 7 नवंबर 2026 तक पूरी करने की तैयारी है। शिक्षकों के लिए जरूरी है कि वे अपने अभिलेख दुरुस्त रखें और पदोन्नति संबंधी शर्तों की पुष्टि विभागीय आदेश से करें।



