Politics: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले में समर्थन देने के लिए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे का आभार जताया है। दोनों कार्यकर्ताओं की न्यायिक हिरासत के खिलाफ CJP ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है और मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है।
उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को दशहरा रैली के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि हाथ में झंडा लेने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और तिरंगे को लेकर द्वेष का आरोप लगाया।
इसके बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर ठाकरे को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, “आशु और सौरव की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उद्धव ठाकरे सर, आपका धन्यवाद।”
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए थे दोनों कार्यकर्ता
मिली जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका CJP के 11 अन्य सदस्यों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान उनके हाथों में तिरंगा था। पुलिस ने प्रदर्शन के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया था।
इसके अगले दिन, 14 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट ने शांति भंग करने के आरोप में सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमवार को उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई।
इस कार्रवाई के खिलाफ CJP ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी की ओर से हिरासत को चुनौती देते हुए दोनों कार्यकर्ताओं को राहत देने की मांग की गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत के खिलाफ CJP ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दोनों को हिरासत में रखे जाने पर आपत्ति जताई।
रत्ना सिंह के मुताबिक, सौरव और आशुतोष को जेल में नहीं रहना चाहिए और राजनीतिक गतिविधियों के कारण उनकी स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट तत्काल सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। दोनों की न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने की तारीख भी इसी दिन थी। ऐसे में अदालत की सुनवाई और उसके निर्देश मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने भी दिया समर्थन
इस मामले में उद्धव ठाकरे के अलावा अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और बीजू जनता दल प्रमुख नवीन पटनायक ने भी सौरव दास और आशुतोष रांका के समर्थन में बयान दिए हैं।
इन प्रतिक्रियाओं के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। CJP दोनों कार्यकर्ताओं की हिरासत को चुनौती दे रही है, जबकि विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है।
दीपके ने पहले भी उठाया था गिरफ्तारी का मुद्दा
अभिजीत दीपके ने 19 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दोनों कार्यकर्ताओं की हिरासत पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि आशुतोष और सौरव का पहला अपराध जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना था और दूसरा अपराध पीछे हटने से इनकार करना।
दीपके ने यह भी कहा था कि पांच दिन जेल में बिताने के बाद भी दोनों हौसले के साथ अदालत पहुंचे। उनके बयानों से स्पष्ट है कि CJP इस मामले में दोनों कार्यकर्ताओं की हिरासत के खिलाफ अपना विरोध जारी रखे हुए है।
अब अदालत के आदेश पर टिकी नजरें
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को लेकर अब दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण है। CJP ने तत्काल राहत की मांग की है, जबकि उद्धव ठाकरे समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।
अदालत में याचिका पर सुनवाई और उसके बाद आने वाले निर्देशों से ही दोनों कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर अगली स्थिति स्पष्ट होगी।



