yogi adityanath: उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक और निवेश हब बनाने के साथ-साथ राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में ‘इन्वेट यूपी’ (Invest UP) कार्यालय में उच्चस्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट या विभिन्न माध्यमों से प्राप्त निवेश प्रस्तावों को केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारकर जमीनी रूप दिया जाए।
आइए जानते हैं इन्वेस्ट यूपी की इस उच्चस्तरीय बैठक की प्रमुख बड़ी बातें:
1. तय समयसीमा (Timebound) में समाधान का सख्त निर्देश:
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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त्वरित समाधान: निवेशकों और उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान एक निश्चित समयसीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा।
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सरल प्रक्रियाएं: एनओसी (NOC), लाइसेंस और वैधानिक स्वीकृतियों की पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि प्रोजेक्ट्स बिना किसी रुकावट के शुरू हो सकें।
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जवाबदेही तय: अंतर-विभागीय तालमेल (Inter-departmental coordination) को मजबूत कर अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की गई है।
2. 6 प्रमुख सेक्टर्स की परियोजनाओं पर खास फोकस:
बैठक के दौरान राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास से जुड़े 6 मुख्य क्षेत्रों (Sectors) की परियोजनाओं और उनके क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई:
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शिक्षा (Education): विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थानों और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना।
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रियल एस्टेट (Real Estate): आधुनिक आवासीय और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स का विकास।
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नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy): सोलर और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा।
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प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क: उद्योगों के लिए रेडी-टू-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता।
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फूड प्रोसेसिंग (Food Processing): कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के लिए नए प्लांट।
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होटल, रिसॉर्ट एवं पर्यटन क्षेत्र: राज्य में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर।
3. जमीन, बिजली से लेकर सब्सिडी तक—हर अड़चन होगी दूर:
ग्राउंड ब्रेकिंग के दौरान निवेशकों को आ रही व्यावहारिक और प्रशासनिक बाधाओं की पहचान की गई और उन्हें तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए गए:
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लैंड यूज़ चेंज (Land Use Change): कृषि या अन्य भूमि का औद्योगिक उपयोग में बदलाव की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
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शुल्क छूट और सब्सिडी (Subsidy Reimbursement): औद्योगिक नीतियों के तहत देय इंसेंटिव, फीस में छूट और सब्सिडी के पैसों का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
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बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर: हर प्रोजेक्ट साइट तक बिजली, पानी, सड़क और कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता।
4. शीर्ष अधिकारियों और विभागों का महा-समन्वय:
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख औद्योगिक विकास एवं प्रशासनिक विभागों के शीर्ष अधिकारी एक मंच पर मौजूद रहे:
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बैठक में यूपीसीडा (UPSIDA), पावर कॉरपोरेशन, यूपीनेडा (UPNEDA), वन विभाग, राजस्व विभाग, उद्यान विभाग और आवास विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद बैठक में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे।
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बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह समेत कई जिलों के डीएम, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और देश-विदेश के प्रमुख उद्योग जगत के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।



