Rakhi Sawant: पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद ने अब मनोरंजन जगत में भी चर्चा तेज कर दी है। दलेर मेहंदी के समर्थन में अभिनेत्री राखी सावंत सामने आई हैं। उन्होंने मंत्री के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए गायक से माफी मांगने की मांग की है। राखी का कहना है कि अगर किसी कलाकार को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाता है, तो उसके सम्मान का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने दलेर मेहंदी को अपना भाई बताते हुए दावा किया कि उन्होंने आज तक शराब को हाथ तक नहीं लगाया। इससे पहले अभिनेता राजपाल यादव भी इस मामले में गायक का समर्थन कर चुके हैं।
राखी सावंत ने मंत्री सुबोध उनियाल पर क्यों जताई नाराजगी?
राखी सावंत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर दलेर मेहंदी के साथ हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गायक के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा कि वह उन्हें कई सालों से जानती हैं और उनके साथ काम भी कर चुकी हैं। राखी ने दलेर मेहंदी को अपना भाई बताते हुए कहा कि उनके साथ परिवार जैसे रिश्ते हैं।
राखी ने वीडियो में कहा कि दलेर मेहंदी एक बड़े और सम्मानित कलाकार हैं। उनके मुताबिक, मंच पर गायक के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह सही नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी पर जबरन शराब पीने की बात कही गई, जबकि वह उन्हें लंबे समय से जानती हैं।
राखी ने कहा, “दलेर मेहंदी को स्टेज पर बेहद बेइज्जत किया गया। जबरदस्ती उन्हें बताया गया कि उन्होंने शराब पी रखी है। जो स्टेज पर गा रहे हैं, वो लेजेंड हैं। वो हमारे भाई हैं। उन्होंने आज तक शराब को कभी हाथ तक नहीं लगाया है।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर आयोजकों या संबंधित लोगों को कलाकारों का सम्मान करना नहीं आता, तो उन्हें सेलिब्रिटीज को कार्यक्रम में नहीं बुलाना चाहिए। राखी ने साफ शब्दों में कहा कि आमंत्रित करने के बाद किसी कलाकार का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
‘दलेर पाजी से माफी मांगनी चाहिए’
राखी सावंत ने अपने बयान में दलेर मेहंदी के अनुभव और उनके संगीत में योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ किसी व्यक्ति के बोलने के तरीके में बदलाव आ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसकी बेइज्जती की जाए।
राखी ने कहा कि दलेर मेहंदी का मुकाबला किसी से नहीं किया जा सकता और उन्हें मंच पर इस तरह अपमानित करना गलत है। उन्होंने संबंधित व्यक्ति से गायक से माफी मांगने की मांग की।
अभिनेत्री ने दलेर मेहंदी की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि वह ‘सिंह इज किंग’ हैं और हमेशा रहेंगे। उनके इस बयान के बाद विवाद में एक और सेलिब्रिटी की प्रतिक्रिया जुड़ गई है। हालांकि, शराब के सेवन को लेकर राखी ने जो दावा किया है, वह उनका व्यक्तिगत बयान है।
राजपाल यादव ने भी दलेर मेहंदी का किया समर्थन
इस विवाद पर अभिनेता राजपाल यादव भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने दलेर मेहंदी के समर्थन में कहा कि एक सम्मानित कलाकार के साथ हजारों लोगों के सामने इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
राजपाल यादव ने मंत्री के कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि कला और कलाकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कला को खरीदा नहीं जा सकता, क्योंकि कला एक जीवन है और उसका सम्मान करना जरूरी है।
राजपाल यादव ने भी दलेर मेहंदी के शराब नहीं पीने की बात कही। उन्होंने बताया कि वह गायक के साथ फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में काम कर चुके हैं। अभिनेता के मुताबिक, दलेर मेहंदी का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं चल रहा है और उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है।
उन्होंने अपने बयान में पद और प्रतिष्ठा के बीच अंतर बताते हुए कहा कि पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन व्यक्ति का कद उसके काम से बनता है। उनके मुताबिक, कलाकारों के योगदान को देखते हुए उनके प्रति सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
क्या है दलेर मेहंदी और सुबोध उनियाल के बीच विवाद?
यह पूरा मामला उत्तराखंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, लाइव परफॉर्मेंस के दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उन्होंने दलेर मेहंदी के शराब के नशे में होने का आरोप लगाया।
मंत्री ने गायक से कहा था, “आपसे बोला तो जा नहीं रहा है, गाना क्या गाएंगे।”
मंच पर हुई इस बातचीत के बाद मामला चर्चा में आ गया। विवाद केवल लाइव परफॉर्मेंस के दौरान हुई रुकावट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंत्री के लहजे और गायक के प्रति कथित व्यवहार को लेकर भी सवाल उठने लगे।
इसके बाद राखी सावंत और राजपाल यादव जैसे कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए। दोनों ने कलाकार के सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए सार्वजनिक मंच पर इस तरह के व्यवहार पर आपत्ति जताई।
फिलहाल यह विवाद मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। राखी सावंत ने दलेर मेहंदी से माफी मांगने की मांग की है, जबकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कलाकारों के सम्मान और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके साथ होने वाले व्यवहार पर बहस तेज हो गई है।



