website cookies: हर बार ‘Accept All Cookies’ दबाना पड़ सकता है भारी! जानें कैसे आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी हो रही है ट्रैक

website cookies: इंटरनेट सर्फिंग के दौरान प्राइवेसी से न करें खिलवाड़; जानिए कुकीज के 4 मुख्य प्रकार और डेटा ट्रैकिंग व टार्गेटेड विज्ञापनों से बचने के आसान उपाय

website cookies: इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय अक्सर कोई भी वेबसाइट खोलते ही आपके सामने कुकीज (Cookies) का पॉपअप आ जाता है। बार-बार आने वाले इस मैसेज से परेशान होकर ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे ‘Accept All’ पर क्लिक कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह एक छोटी सी लापरवाही आपकी पूरी ब्राउज़िंग हिस्ट्री और पर्सनल डेटा को ट्रैक करने का जरिया बन सकती है?

आइए आसान भाषा में समझते हैं कुकीज का पूरा सच और इनसे सुरक्षित रहने के तरीके:

1. क्या होती हैं कुकीज (Cookies) और कैसे करती हैं काम?

  • डिजिटल याददाश्त: जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो वह आपके ब्राउज़र में एक छोटी सी टेक्स्ट फाइल सेव करती है।

  • काम की बात: यह फाइल आपकी लॉगिन डिटेल्स, भाषा की पसंद और शॉपिंग कार्ड में रखे सामान को याद रखती है ताकि दोबारा आने पर आपको परेशानी न हो।

2. ‘Accept All’ कहना क्यों है नुकसानदायक?

  • हर कुकीज सुरक्षित नहीं होती: कुछ कुकीज वेबसाइट चलाने के लिए जरूरी होती हैं, लेकिन कुछ थर्ड-पार्टी कुकीज आपके पूरे इंटरनेट व्यवहार पर नजर रखती हैं।

  • टार्गेटेड विज्ञापन (Targeted Ads): ‘Accept All’ करने से विज्ञापन देने वाली कंपनियां यह ट्रैक कर लेती हैं कि आप क्या सर्च कर रहे हैं और फिर आपको वही विज्ञापन बार-बार दिखाए जाते हैं।

3. कुकीज के 4 मुख्य प्रकार:

  1. एसेंशियल कुकीज: वेबसाइट के बुनियादी और मुख्य काम के लिए जरूरी।

  2. फंक्शनल कुकीज: आपकी सेटिंग्स और भाषा याद रखने के लिए।

  3. एनालिटिक्स कुकीज: वेबसाइट पर आपके व्यवहार और विजिट का डेटा जुटाने के लिए।

  4. विज्ञापन (Ad) कुकीज: आपकी गतिविधियों को ट्रैक कर टार्गेटेड एड्स दिखाने के लिए।

4. ऑनलाइन ट्रैकिंग और डेटा चोरी से बचने के आसान उपाय:

  • ‘Manage Preferences’ चुनें: पॉपअप आते ही सीधे ‘Accept’ दबाने के बजाय Customize या Manage Preferences ऑप्शन पर जाएं।

  • गैर-जरूरी कुकीज बंद करें: सिर्फ जरूरी (Essential) कुकीज को चालू रखें और एडवरटाइजिंग/ट्रैकिंग कुकीज को ऑफ कर दें।

  • ब्राउज़र सेटिंग्स का इस्तेमाल करें: अपने ब्राउज़र (Chrome, Edge, Safari आदि) की सेटिंग्स में जाकर ‘Block Third-Party Cookies’ का विकल्प चुनें और समय-समय पर ब्राउज़िंग हिस्ट्री/कुकीज डिलीट करते रहें।

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