Israel Election 2026: ट्रंप के समर्थन से नेतन्याहू को फायदा होने का दावा, एग्जिट पोल में कड़ा मुकाबला

Israel Election 2026: ट्रंप ने नेतन्याहू के समर्थन वाली पोस्ट साझा की, लेकिन एग्जिट पोल में किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं

Israel Election 2026: इजरायल में चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति को लेकर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इर्विंग सी. श्वार्ट्ज की एक पोस्ट साझा की, जिसमें दावा किया गया कि नेतन्याहू को ट्रंप का समर्थन मिलने से चुनावी मुकाबले में उनकी स्थिति मजबूत हुई है।

पोस्ट में कहा गया कि ट्रंप के समर्थन के बाद नेतन्याहू की पार्टी और उनके गठबंधन की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर दिखाई देने लगी। हालांकि, इजरायल के एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच करीबी मुकाबले के संकेत मिले हैं। शुरुआती अनुमानों में किसी भी खेमे को संसद में बहुमत के लिए जरूरी सीटें मिलती नहीं दिखीं।

ट्रंप ने नेतन्याहू के समर्थन वाली पोस्ट की साझा

इजरायल में मतदान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इर्विंग सी. श्वार्ट्ज की पोस्ट को अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर साझा किया। इस पोस्ट में नेतन्याहू को ट्रंप का समर्थन मिलने को चुनावी स्थिति में बदलाव से जोड़कर पेश किया गया।

पोस्ट के मुताबिक, ट्रंप के समर्थन के बाद नेतन्याहू की संभावित हार की आशंका कम होती दिखाई दी और मुकाबला अधिक बराबरी का हो गया। इसमें नेतन्याहू को एक मजबूत प्रधानमंत्री बताते हुए इजरायल, अमेरिका और मध्य पूर्व के हितों के लिए उनके नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताया गया।

हालांकि, यह पोस्ट में किया गया दावा है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि नेतन्याहू की चुनावी स्थिति में बदलाव का कारण केवल ट्रंप का समर्थन ही था। चुनावी नतीजों का आकलन आधिकारिक मतगणना और अंतिम परिणामों के आधार पर ही किया जा सकता है।

एग्जिट पोल में नेतन्याहू के गठबंधन को बहुमत नहीं

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती एग्जिट पोल में नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन को संसद में बहुमत से पीछे दिखाया गया। वहीं, नेतन्याहू के विरोधी दल भी सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटों का आंकड़ा हासिल करते नजर नहीं आए।

इजरायल की संसद को नेसेट कहा जाता है। इसमें कुल 120 सदस्य होते हैं और सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 61 सीटों का है। ऐसे में किसी भी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संसदीय समर्थन जुटाना जरूरी होगा।

चुनाव के शुरुआती अनुमानों ने इजरायल में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी। दोनों प्रमुख खेमों के बहुमत से पीछे रहने की स्थिति में छोटे दलों और संभावित सहयोगियों की भूमिका अहम हो सकती है।

शुरुआती अनुमानों में विपक्ष को मिली बढ़त

इजरायल के प्रमुख समाचार चैनलों—चैनल 11, चैनल 12 और चैनल 13—के शुरुआती एग्जिट पोल में नेतन्याहू समर्थक गुट को करीब 50 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया। वहीं, यहूदी नेतृत्व वाले विपक्षी दलों को लगभग 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई।

इन अनुमानों के अनुसार, किसी भी प्रमुख खेमे के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटें नहीं थीं। इससे चुनाव के बाद गठबंधन बनाने और दूसरे दलों का समर्थन हासिल करने की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई।

एग्जिट पोल मतदान के बाद मतदाताओं से मिली प्रतिक्रियाओं पर आधारित अनुमान होते हैं। इनके आंकड़े वास्तविक मतगणना से अलग हो सकते हैं, इसलिए इन्हें अंतिम चुनाव परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।

बाद के एग्जिट पोल में बदले आंकड़े

रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात सामने आए बाद के अनुमानों में नेतन्याहू के गठबंधन की स्थिति में सुधार दिखाई दिया।

चैनल 12 के बाद के एग्जिट पोल में नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया, जबकि यहूदी नेतृत्व वाले विपक्षी गुट को 49 सीटें मिलने की संभावना जताई गई।

हालांकि, इन आंकड़ों में बदलाव के बावजूद किसी भी प्रमुख गठबंधन को बहुमत मिलता नहीं दिखा। ऐसे में सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है।

अरब नेतृत्व वाली पार्टियों की भूमिका पर नजर

एग्जिट पोल के अनुमानों के बीच अरब नेतृत्व वाली पार्टियों की संभावित भूमिका भी चर्चा में है। यदि प्रमुख गठबंधन बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं कर पाते, तो सरकार गठन के दौरान छोटे दलों का समर्थन निर्णायक हो सकता है।

ऐसी स्थिति में केवल सबसे अधिक सीटें हासिल करना सरकार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। दलों के बीच गठबंधन, समर्थन और संसदीय समीकरणों पर भी नजर रखनी होगी।

नेतन्याहू की पार्टी लिकुड के दावे पर टिकी निगाहें

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि अगली संसद में उनकी पार्टी लिकुड सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। दूसरी ओर, एग्जिट पोल के अनुमानों में उनके गठबंधन को बहुमत से पीछे दिखाया गया।

इससे चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप की पोस्ट में नेतन्याहू को मिले समर्थन को चुनावी मुकाबले से जोड़कर देखा गया, लेकिन उसके वास्तविक प्रभाव का आकलन केवल पोस्ट के आधार पर नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, इजरायल में सरकार गठन की स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक चुनाव परिणाम और विभिन्न दलों के बीच संभावित गठबंधन महत्वपूर्ण होंगे।

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