Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने देश के नागरिकों से सहयोग की अपील की। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने की शुरुआत नशामुक्त भारत से होती है। देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए उन्हें नशे से दूर रखना जरूरी है।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर अमित शाह ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मौजूदा सरकार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, नक्सलवाद के खात्मे और एक देश-एक कर व्यवस्था को महत्वपूर्ण उपलब्धियों के तौर पर गिनाया।
2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि देश को नशे की समस्या से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
गृह मंत्री के मुताबिक, नशे का असर केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। खासतौर पर युवाओं को नशे से बचाना जरूरी है, क्योंकि वही देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब देश की युवा पीढ़ी स्वस्थ और नशे से दूर रहे।
अनुच्छेद 370 हटाने को बताया अहम उपलब्धि
अपने संबोधन में अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे देश की एकता और अखंडता से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनसे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिली है।
उन्होंने एक देश-एक कर व्यवस्था का उल्लेख करते हुए इसे देश की आर्थिक व्यवस्था में किए गए बड़े बदलावों में शामिल किया। उनके अनुसार, इन फैसलों ने भारत को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में योगदान दिया है।
31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्ति का दावा
अमित शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च 2026 को भारत नक्सलवाद के साये से बाहर निकल गया। शाह ने इसे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास से जुड़े प्रयास किए गए। सरकार की ओर से इस समस्या के खिलाफ कार्रवाई को देश की सुरक्षा और शांति के लिए जरूरी बताया गया है।
सरदार पटेल ने 1,218 दिनों में एकजुट किया था भारत
राष्ट्रीय एकता दिवस पर अमित शाह ने देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने महज 1,218 दिनों में रियासतों को एकजुट कर भारत के एकीकरण में अहम भूमिका निभाई थी।
शाह ने कहा कि उस समय कई लोगों को आशंका थी कि आजादी के बाद भारत अलग-अलग हिस्सों में बंट सकता है, लेकिन सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और नेतृत्व से देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया। उनका योगदान भारत की एकता और अखंडता की नींव को मजबूत करने वाला रहा है।
विकसित भारत के लिए एकता और नशामुक्त समाज पर जोर
अमित शाह ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता, आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक चुनौतियों से निपटने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश को नशे जैसी समस्याओं से मुक्त करना और युवाओं को सकारात्मक दिशा देना आवश्यक है।
सरदार पटेल की जयंती पर उन्होंने नागरिकों से देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के साथ नशामुक्त भारत के अभियान में सहयोग करने की अपील की। सरकार ने वर्ष 2029 के अंत तक नशामुक्त भारत का जो लक्ष्य रखा है, उसे हासिल करने में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।



