Diljit Dosanjh: पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली में शुक्रवार को हुए लाइव कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने मंच से कुछ ऐसा कह दिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अपने गानों से हजारों लोगों को झुमाने वाले दिलजीत इस बार अपनी गायकी नहीं, बल्कि एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने कॉन्सर्ट के बीच अपनी आलोचनाओं पर जवाब देते हुए साफ कहा कि पंजाबियों को यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है। उनका यह बयान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर इशारा माना जा रहा है। दिलजीत के बयान के बाद अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर अपनी बात रखी है।
‘मैं चुप हूं तो मुझे चुप ही रहने दो’
दिल्ली में अपने कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत दोसांझ ने दर्शकों से बातचीत करते हुए कहा, “मैं आप सभी से प्यार करता हूं, क्योंकि मैं एक कलाकार हूं। मैं चुप हूं, तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को न सिखाया जाए कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है।”
दिलजीत का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। उनके इस अंदाज को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। दरअसल, पिछले कुछ महीनों से दिलजीत और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच उनके एक पुराने बयान को लेकर असहमति देखने को मिल रही थी।
आखिर CJP से क्यों नाराज हुए थे दिलजीत?
इस पूरे विवाद की शुरुआत जुलाई 2026 में हुई थी। उस समय दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम पर लाइव सेशन किया था। लाइव के दौरान एक फैन ने उनसे सवाल पूछा कि क्या वह छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे या इस मुद्दे पर अपनी राय रखेंगे?
इस पर दिलजीत ने कहा था, “मुझे इन सब चीजों से दूर रखो भाई। मैं एक कलाकार हूं, कोई नेता नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें प्रदर्शन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और वह इन मामलों से दूर रहना चाहते हैं।
दिलजीत के इस बयान पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नाराजगी जाहिर की थी। उनका कहना था कि कलाकारों को भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले आंदोलनों का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने दिलजीत की फिल्म ‘सतलुज’ का जिक्र करते हुए यह भी कहा था कि अगर कलाकार सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठाते, तो उनकी फिल्मों पर बैन जैसे सवाल खड़े हो सकते हैं। इसी टिप्पणी के बाद दोनों के बीच यह विवाद चर्चा में आ गया था।
अभिजीत दीपके ने दिलजीत को बताया अपना पसंदीदा कलाकार
अब दिल्ली कॉन्सर्ट में दिलजीत के बयान के बाद अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट साझा किया है। इसमें उन्होंने दिलजीत के प्रति अपना सम्मान जाहिर करते हुए कहा कि जून में प्रदर्शन के दौरान दिलजीत की एक टिप्पणी से उन्हें थोड़ी ठेस पहुंची थी। हालांकि, इसकी वजह कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं थी।
दीपके ने लिखा कि उन्होंने हमेशा दिलजीत को ऐसे इंसान के रूप में देखा है, जो किसी अच्छे मकसद के लिए अपनी आवाज उठाता है। वह उनके प्रशंसक रहे हैं और आज भी उनके गाने सुनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत लौटने से ठीक पहले वह मई में शिकागो में दिलजीत के कॉन्सर्ट में शामिल हुए थे।
उनके मुताबिक, वह सिर्फ दिलजीत के गाने सुनने नहीं गए थे, बल्कि उनके व्यक्तित्व और विचारों के प्रति सम्मान की वजह से भी वहां पहुंचे थे।
‘छोटा भाई समझकर मिट्टी डाल देना’
अभिजीत दीपके ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि दिलजीत का साहस, उनकी सच्चाई और अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का उनका अंदाज उन्हें हमेशा पसंद रहा है। शायद इसी वजह से उनकी टिप्पणी से उन्हें थोड़ी ठेस पहुंची थी।
हालांकि, उन्होंने साफ किया कि एक असहमति या गलतफहमी की वजह से दिलजीत के प्रति उनका सम्मान कम नहीं हुआ है।
अपने पोस्ट के आखिर में दीपके ने पंजाबी अंदाज में लिखा, “बाकी पाजी, छोटा भाई समझ के मिट्टी पाओ। आखिर में बस यही कहना चाहूंगा कि गबरू तां वैरी नूं वी मिठ्ठा बोलदा, नी तू तां फेर जट्ट दा प्यार गोरीए।”
अब दिलजीत के कॉन्सर्ट वाले बयान और अभिजीत दीपके की इस प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ दिलजीत ने अपने तरीके से कलाकार होने और अपनी चुप्पी पर सवाल न उठाने की बात कही, तो दूसरी तरफ दीपके ने अपनी नाराजगी को पीछे छोड़ते हुए उनके प्रति सम्मान जाहिर किया है। फिलहाल दोनों के बयानों के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।



