Ramlila Maidan Rally: प्रियंका को मंच पर बोलने का मौका नहीं मिलने पर BJP का दावा, राहुल गांधी पर साधा निशाना

Ramlila Maidan Rally: संबित पात्रा ने मॉक पार्लियामेंट और रामलीला मैदान की रैली का हवाला देकर कांग्रेस में मतभेद होने की बात कही।

Ramlila Maidan Rally: कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर सवाल उठाए हैं। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि INDIA गठबंधन के हालिया कार्यक्रमों में प्रियंका गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इस घटनाक्रम को कांग्रेस के भीतर कथित मतभेदों से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

संबित पात्रा ने शनिवार, 1 नवंबर को आयोजित मॉक पार्लियामेंट और रविवार, 2 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई रैली का जिक्र किया। उनके मुताबिक, इन दोनों कार्यक्रमों में प्रियंका गांधी को संबोधन का मौका नहीं मिला। बीजेपी प्रवक्ता ने इस आधार पर कांग्रेस नेतृत्व के बीच असहमति होने की बात कही। हालांकि, प्रियंका गांधी को जानबूझकर बोलने से रोके जाने या गांधी परिवार में मतभेद होने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर कसा तंज

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रियंका गांधी को कार्यक्रमों में बोलने का अवसर नहीं मिलने के मुद्दे को उठाते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि प्रियंका गांधी को आगे बढ़ने का मौका मिलने से राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से असहजता हो सकती है।

पात्रा ने प्रियंका गांधी की कथित नाराजगी का भी उल्लेख किया। उनके बयान का आशय यह था कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में प्रियंका को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, प्रियंका गांधी की भावनाओं या कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर किसी विवाद की पुष्टि करने वाला स्वतंत्र विवरण सामने नहीं है।

बीजेपी ने इस मुद्दे को कांग्रेस के नेतृत्व और INDIA गठबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया। दूसरी ओर, इन आरोपों पर कांग्रेस का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।

‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भी बीजेपी का तंज

संबित पात्रा ने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने प्रियंका गांधी के संदर्भ में इसी शब्द का इस्तेमाल करते हुए राजनीतिक तंज कसा। उनका बयान विपक्ष के उस अभियान पर निशाना साधने के रूप में सामने आया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

INDIA गठबंधन के नेता चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। बीजेपी ने इन मुद्दों पर विपक्ष की रणनीति और उसके नेताओं के बयानों को लेकर पलटवार किया है।

मॉक पार्लियामेंट में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक कार्रवाई

INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जनता के महाभियोग’ से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया था। यह आयोजन चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता अधिकारों से जुड़े विपक्ष के विरोध का हिस्सा था।

विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वहीं, बीजेपी ने विपक्ष के इस अभियान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। मॉक पार्लियामेंट के दौरान प्रियंका गांधी को बोलने का मौका नहीं मिलने संबंधी दावा भी इसी घटनाक्रम के संदर्भ में उठाया गया।

रामलीला मैदान की रैली में भी चुनाव प्रक्रिया का मुद्दा उठा

2 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली आयोजित हुई। इसमें चुनाव प्रक्रिया, कथित वोट चोरी, SIR और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। विपक्षी दलों ने चुनाव व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।

इसी रैली का हवाला देते हुए संबित पात्रा ने दावा किया कि प्रियंका गांधी को संबोधन का अवसर नहीं दिया गया। बीजेपी ने इस बात को कांग्रेस के भीतर कथित मतभेदों से जोड़कर पेश किया। हालांकि, केवल किसी कार्यक्रम में भाषण का अवसर नहीं मिलने के दावे के आधार पर पार्टी के अंदर मतभेद होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर सियासी बयानबाजी तेज

चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के बीच बीजेपी और INDIA गठबंधन के नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है। बीजेपी जहां विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठा रही है, वहीं विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों को लेकर अपनी मांगें सामने रख रहे हैं।

प्रियंका गांधी को बोलने का मौका नहीं मिलने संबंधी संबित पात्रा के बयान ने इस राजनीतिक बहस में एक और मुद्दा जोड़ दिया है। फिलहाल, कांग्रेस के भीतर कथित मतभेदों को लेकर बीजेपी के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और संबंधित कार्यक्रमों का पूरा संदर्भ सामने आने के बाद ही स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।

Related Articles